राहुल गांधी ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर की नोबेल विजेता से बातचीत, यूनुस बोले- गरीबों की मदद कर आगे ले जा सकते हैं इकॉनमी

कोरोना वायरस संकट के चलते दुनिया भर में अर्थव्यवस्था की गति धीमी पड़ गई है और भारत पर इसके असर को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस से बातचीत की।

Avatar Written by: July 31, 2020 10:54 am

नई दिल्ली। कोरोना वायरस संकट के चलते दुनिया भर में अर्थव्यवस्था की गति धीमी पड़ गई है और भारत पर इसके असर को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस से बातचीत की। राहुल ने यूनुस से कोरोना के ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर समेत कई अन्य सवाल किए। बता दें यूनुस बांग्लादेश ग्रामीण बैंक के संस्थापक और विख्यात इकॉनमिस्ट हैं।

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राहुल गांधी ने सवाल पूछा, ”आप गरीबों की इकॉनमी समझते हैं। इसको कोरोना ने कैसे नुकसान पहुंचाया है?’ इसके जवाब में यूनुस ने कहा, ”मैं पहले से कह रहा हूं कि कोरोना संकट ने समाज की कुरीतियों को सतह पर ला दिया। गरीब, प्रवासी, मजदूर हमारे समाज का हिस्सा हैं और कोरोना के संकट ने सभी को सामने ला दिया। इन्हें अनौपचारिक क्षेत्र का हिस्सा माना जाता था जो हमारी इकॉनमी का हिस्सा नहीं है। अगर हम इनकी मदद करें तो इनके साथ इकॉनमी को आगे ले जा सकते हैं लेकिन हम ऐसा नहीं कर रहे हैं। अगर महिलाओं के संदर्भ में बात करें तो उन्हें समाज में निम्नतम माना जाता है। इकॉनमिक सेक्टर में उन्हें कोई नहीं पूछता लेकिन महिलाओं ने खुद को साबित किया है।”

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इस बार कांग्रेस नेता ने प्रवासियों के अपने गृह जनपद में वापस लौटने और ग्रामीण क्षेत्रों में एक आर्थिक क्रांति को बढ़ावा देने को लेकर प्रौद्योगिकी की भूमिका पर चर्चा की। बता दें कि कोरोना महामारी के चलते दुनियाभर में लगे लॉकडाउन के असर और बाद में इससे होने वाले परिणाम को लेकर राहुल गांधी दुनियाभर के दिग्गजों के साथ बातचीत कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने कहा, ”भारत में आज प्रवासी मजदूरों का संकट था, कोरोना ने उनकी दुनिया को तबाह कर दिया। मैंने कई से बात की, पहला लक्ष्य था कि उन्हें जल्द खाना मिले, नकदी मिले। लेकिन सरकार की सोच अलग थी, जिसके बाद लाखों लोगों को अपने घर वापस जाना पड़ा। ऐसे में कोरोना के बाद अगर दुनिया नई नीति के साथ नहीं आती है, कोरोना ने दुनिया को बताया है कि आप कुछ नई सोच के साथ सामने आइए। मुझे लगता है कि हमारे जैसे देशों के पास अधिक मौके हैं, पश्चिम देशों के मुकाबले..

मुहम्मद युनूस ने जवाब में कहा, ‘आप भारत की अगली पीढ़ी में क्या देखते हैं और आने वाली पीढ़ी को क्या देना चाहते हैं। क्या चाहते हैं कि यही आगे बढ़े या फिर कुछ और भी आगे बढ़े। आज युवा दुनियाभर में सड़कों पर आ गए हैं। चाहे नौकरी का संकट हो या फि ग्लोबल वार्मिंग का, इसपर आपका क्या विचार है।”

राहुल गांधी ने अगला सवाल पूछा, ”हमने उत्तर प्रदेश में एक संस्था बनाई, जिसके बाद हमने देखा कि लाखों महिलाओं को मजबूत होते देखा। लेकिन राजनीति के कारण एक सरकार ने उसपर हमला कर दिया। ऐसे माहौल में किस तरह काम किया जाए, जिसपर राजनीतिक खतरा है?

मुहम्मद युनूस ने जवाब में कहा, ”सरकार काफी चीजों को खत्म कर सकती है, उनके पास ताकत है। लेकिन अगर आप लोगों के लिए कुछ कर रहे हो, लेकिन आप व्यवस्था नहीं हो। इसलिए सरकार के हाथ में अधिकतर चीजें रहती हैं, आप जितना प्रयास करोगे उतनी अधिक शक्ति से वापस आएगा। अगर आप गरीबों की आर्थिक मदद कर रहे हैं तो उद्योगपतियों से बात भी जरूरी है।