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Dhirendra Shastri: बैकफुट पर आया धीरेंद्र शास्त्री को चैलेंज देने वाला हीरा कारोबारी, लेटर लिखकर कही ये बात

Dhirendra Shastri: , जनक बवारिया ने धीरेंद्र शास्त्री को चुनौती दी थी कि अगर वो पैकेट में रखे हीरे की संख्या बता देंगे, तो वो यह बात स्वीकार कर लेंगे कि बाबा के अंदर दीव्य शक्ति है। इसके अलावा उन्हें 50 करोड़ के हीरे भी उपहार स्वरूप भेंट करने का ऐलान किया था।

नई दिल्ली। धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों अपने पटना दौरे को लेकर खासा सुर्खियों में हैं। उनके पटना दौरे का जहां बीजेपी ने समर्थन किया, तो वहीं राजद सहित अन्य विपक्षी दलों ने खुलकर विरोध किया था, जिसमें सबसे आगे तेजप्रताप यादव थे। वहीं, अब बिहार के बाद धीरेंद्र शास्त्री का अगला दौरा गुजरात में प्रस्तावित है, जहां उन्हें हीरा कारोबारी जनक बवारिया ने चनौती दी थी। लेकिन अब खबर है कि वो अब अपने चुनौती से पीछे हट चुके हैं। आगे हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताएंगे, लेकिन आइए उससे पहले ये जान लेते हैं कि आखिर जनक बवरिया ने धीरेंद्र शास्त्री को क्या चुनौती दी थी।

Dhirendra Krishna Shastri

दरअसल, जनक बवारिया ने धीरेंद्र शास्त्री को चुनौती दी थी कि अगर वो पैकेट में रखे हीरे की संख्या बता देंगे, तो वो यह बात स्वीकार कर लेंगे कि बाबा के अंदर दीव्य शक्ति है। इसके अलावा उन्हें 50 करोड़ के हीरे भी उपहार स्वरूप भेंट करने का ऐलान किया था। बता दें कि जनक बवारिया ने बाबा को यह चैलेंज वीडियो जारी कर दिया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में रहा था। जिस पर बेशुमार प्रतिक्रियाएं सामने आईं थीं। उधर, अब खबर है कि जनक बवारिया ने अपना चैलेंज वापस ले लिया है। उन्होंने इस संदर्भ में बाकायदा एक पत्र भी लिखा है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वो किसी भी प्रकार के विवादों में नहीं पड़ना चाहते हैं, लिहाजा उन्होंने अपना चैलेंज वापस ले लिया है।

Dhirendra Shastri

बता दें कि धीरेंद्र शास्त्री उस वक्त चर्चा में आए थे, जब अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने उन पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने बयान जारी कहा था कि वो यह बात साबित कर सकते हैं कि वो किसी भी प्रकार का अंधविश्वास समाज में नहीं फैलाते हैं, बल्कि अपने ईष्ट को दिए ज्ञान को प्रचारित करते हैं। इस बीच धीरेंद्र शास्त्री ने कई ऐसे प्रमाण देने का दावा किया जिससे यह साबित होता है कि वो किसी भी प्रकार का अंध विश्वास नहीं फैलाते हैं।