
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वक्फ संशोधन बिल लोकसभा और राज्यसभा से पास होने के बाद इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पीएम ने कहा कि एक बार फिर, व्यापक बहस और संवाद के महत्व की पुष्टि हुई है। संसद के दोनों सदनों द्वारा वक्फ (संशोधन) विधेयक का पारित होना सामाजिक-आर्थिक न्याय, पारदर्शिता और समावेशी विकास के लिए हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण क्षण है। इससे विशेष रूप से उन लोगों को मदद मिलेगी जो लंबे समय से हाशिये पर हैं, जिनकी आवाज को हमेशा दबाया गया और जिन्हें अवसरों से वंचित रखा गया।
Gratitude to all Members of Parliament who participated in the Parliamentary and Committee discussions, voiced their perspectives and contributed to the strengthening of these legislations. A special thanks also to the countless people who sent their valuable inputs to the…
— Narendra Modi (@narendramodi) April 4, 2025
मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, दशकों से वक्फ व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव था। इससे खास तौर पर मुस्लिम महिलाओं, गरीब मुसलमानों और पसमांदा मुसलमानों के हितों को नुकसान पहुंचता था। संसद द्वारा पारित कानून पारदर्शिता को बढ़ाएंगे और लोगों के अधिकारों की रक्षा भी करेंगे। पीएम बोले, अब हम ऐसे युग में प्रवेश करेंगे जहाँ अधिक आधुनिक और सामाजिक न्याय के प्रति संवेदनशील कार्यप्रणाली होगा। व्यापक रूप से, हम प्रत्येक नागरिक की गरिमा को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी तरह हम एक अधिक मजबूत, अधिक समावेशी और अधिक दयालु भारत का निर्माण भी कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने संसदीय और समिति चर्चाओं में भाग लेने वाले सभी सांसदों का आभार जताया जिन्होंने बिल पर अपने विचार व्यक्त किए और इन कानूनों को मजबूत बनाने में योगदान दिया। इसके साथ ही मोदी ने संसदीय समिति को अपने बहुमूल्य सुझाव भेजने वाले अनगिनत लोगों का भी विशेष आभार जताया है। बता दें कि राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल पर लगभग 14 घंटे चर्चा चली जिसके बाद बिल के पथ में 128 वोट पड़े, वहीं विरोध में 95 वोट डाले गए। इससे पहले लोकसभा में भी लगभग 12 घंटे की चर्चा के बाद हुई वोटिंग में बिल के समर्थन में 288 वोट और विरोध में 232 वोट पड़े थे।