
नई दिल्ली। देशभर के तमाम वक्फ बोर्ड पर मनमानी से लोगों की जमीन लेने का आरोप लगता रहा है। वक्फ बोर्डों को दरअसल पुराने कानून की एक धारा के तहत किसी संपत्ति को वक्फ घोषित करने का अधिकार था। इस धारा को वक्फ संशोधन बिल के जरिए मोदी सरकार ने खत्म कर दिया है। ऐसे में आने वाले वक्त में वक्फ बोर्ड मनमाने तरीके से लोगों की संपत्ति अपने कब्जे में नहीं ले सकेंगे। साल 2013 में जब वक्फ कानून में कांग्रेस की यूपीए सरकार ने संशोधन किया था, तब उसमें धारा 40 जोड़ दी गई थी। इस धारा के तहत वक्फ बोर्ड को संपत्ति को अपने हक में लेने का बड़ा अधिकार दे दिया गया था।
वक्फ कानून की धारा 40 में कहा गया था कि अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ मान लेता है, तो उसका फैसला अंतिम रहेगा। यानी किसी भी जमीन को अगर कोई वक्फ बोर्ड कह दे कि ये वक्फ के लिए है, तो सरकार या कोर्ट तक इस पर कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकते थे। ऐसे में संपत्ति के मालिक को सिर्फ ये अधिकार दिया गया था कि वो वक्फ बोर्ड के फैसले को वक्फ ट्रिब्यूनल में चुनौती दे। वक्फ कानून की धारा 40 से वक्फ बोर्डों को आजादी मिली हुई थी कि वो किसी भी जमीन को बिना किसी दबाव में आए खुद के कब्जे में ले सकें। वक्फ कानून की धारा 40 के तहत वक्फ बोर्डों को ये अधिकार भी मिला था कि अगर कोई दूसरा ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति हो और उसे वक्फ संपत्ति के तौर पर रजिस्ट्री करानी हो, तो बोर्ड उसे इसका निर्देश दे सकता था। यानी धारा 40 के तहत वक्फ बोर्ड का फैसला ही अंतिम होता था।
वक्फ कानून की धारा 40 को खत्म करने के बारे में मोदी सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इसे हटाने से वक्फ संपत्तियों के मैनेजमेंट में पारदर्शिता आएगी। रिजिजू ने कहा कि धारा 40 हटाने से वक्फ की संपत्तियों पर कोई भ्रम भी नहीं रहेगा। साथ ही वक्फ संपत्ति की प्रक्रिया आसान भी बनेगी। वहीं, धारा 40 हटाने का ये कहते हुए विरोध किया जा रहा है कि इससे सरकार वक्फ संपत्तियों पर ज्यादा नियंत्रण पा लेगी। वक्फ संशोधन बिल लोकसभा से मोदी सरकार ने पास करा लिया है और राज्यसभा से पास होने के बाद इसे जल्दी ही लागू किया जाएगा।