
नई दिल्ली। पिछले दिनों पटना में जब मुस्लिम संगठनों ने वक्फ बिल के खिलाफ प्रदर्शन किया था, तब उसमें आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव अपने बेटे तेजस्वी यादव के साथ शामिल हुए थे। तेजस्वी यादव ने साफ कहा है कि आरजेडी वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ है। वहीं, मोदी सरकार में मंत्री और हम पार्टी के मुखिया जीतनराम मांझी ने लालू यादव का एक पुराना वीडियो अपने एक्स अकाउंट पर शेयर किया है। जीतनराम मांझी के मुताबिक 7 मई 2010 को लालू यादव ने सख्त वक्फ एक्ट बनाने की मांग लोकसभा में की थी। नीचे देखिए लालू यादव का वो वीडियो।
लालू यादव का जो वीडियो जीतनराम मांझी ने शेयर किया है, उसमें लालू यादव कहते दिखाई देते हैं कि बहुत सख्त कानून बनाना चाहिए। लालू यादव आगे कहते हैं कि चाहे सरकारी हो या गैर…उसमें काम करने वाले लोग हों…सारी जमीनें हड़प ली गई हैं। लालू यादव पटना का उदाहरण देते दिख रहे हैं। लालू यादव ने तब कहा था कि ऐसा नहीं कि सिर्फ खेती वाली जमीन हो, बल्कि सब प्राइम लैंड बेच दिया है। लालू यादव ने कहा था कि पटना के डाक बंगला पर जितनी संपत्ति थी, सब पर अपार्टमेंट बन गया। आरजेडी सुप्रीमो वीडियो में कहते दिखते हैं कि सब लोगों ने लूट लिया है। वो आगे कहते हैं कि खैर, आज तो लाइए। इस संशोधन को हम लोग पास करते हैं। इसके बाद वो कहते हैं कि आगे से कड़ा कानून बने।
वक़्फ़ संशोधन विधेयक का विरोध कुछ लोग सिंर्फ इसलिए कर रहें हैं क्योंकि यह क़ानून नरेन्द्र मोदी @narendramodi जी के नेतृत्व वाली सरकार ला रही हैं।
वैसे 2010 में @laluprasadrjd जी ने वक़्फ़ के कड़े क़ानून बनाए जाने की बात कही थी।
मेरा INDI गठबंधन वालों से आग्रह है कि लालू जी के… pic.twitter.com/TVKFvQjSQk— Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) April 2, 2025
जीतनराम मांझी ने आरजेडी सुप्रीमो का वीडियो शेयर कर कहा है कि इंडी गठबंधन के लोग लालू यादव की बात सुनें और वक्फ संशोधन बिल का समर्थन करें। बता दें कि कांग्रेस समेत विपक्षी गठबंधन में शामिल सभी दल वक्फ संशोधन बिल का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि वक्फ बिल के जरिए मोदी सरकार मुस्लिमों की संपत्ति हड़पना चाहती है। वहीं, मोदी सरकार का कहना है कि कांग्रेस और विपक्ष के नेता मुसलमानों में भ्रम फैला रहे हैं। ताकि उनका वोट बैंक बचा रहे। गृहमंत्री अमित शाह ने बीते दिनों ही एक न्यूज चैनल पर कहा था कि मुस्लिमों की संपत्ति कोई नहीं हड़पेगा। उन्होंने ये भी कहा था कि जिसको भी वक्फ के संशोधित कानून से दिक्कत हो, वो कोर्ट जा सकता है।