Connect with us

देश

Ola-Uber में भर्तियों पर नितेश राणे का गंभीर आरोप, कंपनियों में नहीं मिल रही हिंदुओं को नौकरी; सोशल मीडिया पर गरमाया मुद्दा

Nitesh Rane: आज यानी की शुक्रवार को नितेश राणे ने एक ट्वीट किया  जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल होने लगा। उन्होंने ट्वीट में कहा कि,’ ओला, उबर जैसी कंपनियां हिंदुओं को भर्ती क्यों नहीं कर रही हैं? इसके पीछे क्या विचार है? क्या मुंबईकरों ने इस पर ध्यान दिया है..ज्यादातर ड्राइवर हिंदू नहीं हैं.. क्या यह सुरक्षा के लिए खतरा नहीं है? इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, हमें कार्रवाई करनी चाहिए!

Published

on

नई दिल्ली। अगर आप भारतीय राजनीति की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखते हैं, तब तो ऐसा हो ही नहीं सकता कि आपने नितेश राणे का नाम न सुना हो। ये वही नितेश राणे हैं, जो किसी न किसी मसले को लेकर चर्चाओं में बने ही रहते हैं। हर मसले पर अपनी बेबाक राय जाहिर कर चर्चा के बाजार गुलजार करना इनकी फितरत में शुमार है। कभी सोशल मीडिया पर के मंच से तो कभी किसी जनसभा में राणे हर मसले पर अपनी बेबाक राय रखने  के लिए जाने जाते हैं। अब चाहे उनका विरोध हो या समर्थन। इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है। इसी कड़ी में अब उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लेकर ओला-उबर पर अपनी बेबाक राय जाहिर की है। जिसमें उन्होंने मजहबी एंगल निकाल दिया है। आखिर उन्होंने ओला उबर के बारे में ऐसा क्या कुछ कहा है। आइए, आपको  सब कुछ तफसील से बताते हैं।

Maharashtra Police Says To Bombay High Court That They Would Not Take Any Coercive Action Against Bjp Mla Nitesh Rane Till 7 January - भाजपा विधायक नितेश राणे को राहत: महाराष्ट्र पुलिस

दरअसल, आज यानी की शुक्रवार को नितेश राणे ने एक ट्वीट किया  जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल होने लगा। उन्होंने ट्वीट में कहा कि,’ ओला, उबर जैसी कंपनियां हिंदुओं को भर्ती क्यों नहीं कर रही हैं? इसके पीछे क्या विचार है? क्या मुंबईकरों ने इस पर ध्यान दिया है..ज्यादातर ड्राइवर हिंदू नहीं हैं.. क्या यह सुरक्षा के लिए खतरा नहीं है? इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, हमें कार्रवाई करनी चाहिए!  उनके द्वारा किए गए इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। आइए, आपको उनके ट्वीट पर आए कुछ प्रतिक्रियाओं के बारे में भी बताए चलते हैं।

देखिए प्रतिक्रियाएं

नितेश राणे

तो इन प्रतिक्रियाओं को देखने के बाद आप यह समझ ही गए होंगे कि कहीं उनकी राय का समर्थन किया जा रहा है, तो कहीं समर्थन। अब ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर उन्होंने यह बयान किस संदर्भ में किस परिस्थिति में दिया है। यह तो फिलहाल अब वही बता पाएंगे। लेकिन बतौर पाठक आपका इस पूरे मसले पर क्या कुछ कहना है। आप हमें कमेंट कर बताना बिल्कुल भी मत भूलिएगा।

Advertisement
Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Advertisement
Advertisement