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Maharashtra Politics: गवर्नर की कुर्सी छोड़ेंगे भगत सिंह कोश्यारी?, विवादों में घिरने के बाद जताई इच्छा

Maharashtra Politics: सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक, भगत सिंह कोश्यारी ने खुद अपने करीबियों के पास राज्यपाल पद छोड़ने की इच्छा व्यक्त की है। वो अब महाराष्ट्र से बाहर जाना चाहते है। हालांकि केंद्र सरकार या किसी बड़े मंत्री ने इसकी जानकारी अधिकृत तौर पर नहीं दी है। फिलहाल इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। 

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Bhagat Singh Koshyari

नई दिल्ली। महाराष्ट्र से एक बड़ी खबर सामने आई है। छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर दिए गए बयान के बाद से महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी विवादों में घिर गए है। भगत सिंह कोश्यारी और उद्धव ठाकरे के बीच रार लगातार बढ़ती ही जा रही है। पूर्व सीएम उद्धव  ठाकरे ने उनके इस्तीफे के मांग कर डाली। इसी बीच अब खबर आ रही है कि भगत सिंह कोश्यारी ने गवर्नर की कुर्सी झोड़ने की इच्छा जताई हैं। बीते दिनों विवादों में घिरने के बाद अब भगत सिंह कोश्यारी ने राज्यपाल की कुर्सी छोड़ सकते हैं। इसकी जानकारी उनके करीबी सूत्रों के हवाले से मिली है। भगत सिंह कोश्यारी ने छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर विवादित बयान दिया। जिसके बाद वो विपक्ष के भी निशाने पर है ना सिर्फ विपक्ष बल्कि भाजपा सांसद और छत्रपति महाराज के वंशज उदयनराजे भोसले भी भगत सिंह कोश्यारी के बयान से नाखुश नजर आए।

इतना ही नहीं वो भी कोश्यारी के खिलाफ आंदोलन छेड़ने की बात कर रहे है। सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक, भगत सिंह कोश्यारी ने खुद अपने करीबियों के पास राज्यपाल पद छोड़ने की इच्छा व्यक्त की है। वो अब महाराष्ट्र से बाहर जाना चाहते है। हालांकि केंद्र सरकार या किसी बड़े मंत्री ने इसकी जानकारी अधिकृत तौर पर नहीं दी है। फिलहाल इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। इसी बीच राजभवन के सूत्रों ने इन खबरों को बेबुनियाद करार दिया है।

बता दें कि उद्धव ठाकरे और एनसीपी प्रमुख शरद पवार वो इस मामले को लेकर भगत सिंह कोश्यारी पर हमलावर है। इतना ही नहीं उनका कहना है कि केंद्र सरकार भगत सिंह कोश्यारी को लेकर कोई फैसला नहीं लेती है तो महाराष्ट्र बंद जैसा फैसला विपक्ष को लेना पड़ेगा। बता दें कि एक कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा था कि, हम जब पढ़ते थे मिडिल या हाईस्कूल में तो हमारे टीचर बोलते थे आपका फेवरेट लीडर कौन है, तो उस समय हम लोग सुभाष चंद बोस, नेहरू या गांधी जी अच्छे लगते थे। आगे उन्होंने कहा मुझे लगता है कि आप से कोई पूछे फेवरेट आईकन या हीरो कौन है बाहर जाने की जरूरत नहीं है यहीं महाराष्ट्र में आपको मिल जाएंगे। शिवाजी से तो पुराने युग की बात है। मैं नए युग की बात बोल रहा हूं। यही मिल जाएंगे। डॉ अंबेडकर से लेकर गडकरी तक यहां मिल जाएंगे।

 

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