यूपी के उद्यमियों ने सरकार से मांगे 5 लाख श्रमिक और कामगार, योगी का रोजगार देने का यह फॉर्मूला रहा ‘हिट’

जानकारी के मुताबिक, हर इकाई से सरकार स्क्लिड और नान स्किल्ड मैनपावर की डिमांड मांग रही है। इसके साथ ही उद्योगों को हर तरह की मदद देने में सीएम योगी जुटे हैं।

Avatar Written by: May 27, 2020 4:54 pm

नई दिल्ली। घर लौट रहे प्रवासी श्रमिकों और कामगारों को लेकर योगी सरकार द्वारा उनकी जो स्किल मैपिंग डेटा बैंक बनाने और उन्हें रोजगार मुहैया कराने के लिए जो मुहिम चलाई गई वो अब रंग लानी शुरू हो गई है। सीएम योगी ने प्रदेश में पिछले दिनों स्किल मैपिंग डेटा बैंक बनाने के साथ ही औद्योगिक संस्थानों का सर्वे और मैपिंग कार्य शुरू कराया था। जो रंग लाती दिखाई दे रही है।

Yogi adityanath

बता दें कि श्रमिकों, कामगारों और युवाओं के उद्योगों में सेवायोजन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कामगारों व श्रमिकों को रोजगार देने के लिए यूपी के कई औद्योगिक समूह और उद्यमी आगे आए हैं।। पता चला है कि उद्यमियों ने प्रदेश सरकार के इस स्किल मैपिंग डेटा बैंक से करीब 5 लाख श्रमिकों और कामगार मांगे हैं। सरकार इस पहली मांग से उत्साहित है।

migrant workers Banda

गौरतलब है कि स्किल मैपिंग डेटा बैंक के तहत हर औद्योगिक संस्थान में रोजगार की गुंजाइश तलाशी जा रही थी। सीएम योगी ने निर्देश दिए कि हर औद्योगिक इकाई में मैनपावर स्ट्रेंथनिंग कराई जाए और कम से एक 1 से लेकर 10 श्रमिकों के लिए हर औद्योगिक इकाई में जगह बनाएं। टीम-11 की बैठक में सीएम योगी श्रमिकों और कामगारों के लिए रोजगार का खाका तैयार कर रहे हैं।

Yogi sarkar

जानकारी के मुताबिक, हर इकाई से सरकार स्क्लिड और नान स्किल्ड मैनपावर की डिमांड मांग रही है। इसके साथ ही उद्योगों को हर तरह की मदद देने में सीएम योगी जुटे हैं। उन्होंने अधिकारियों को सीधा निर्देश दिया है कि औद्योगिक संस्थानों में तेजी से काम शुरू कराएं। सप्लाई चेन क्लियर कराने और बाकी सरकारी सहूलियतों में उद्यमियों को पूरा सहयोग दें। उद्योगों को चलाने में मदद देने के साथ ही सरकार हर छोटी और बड़ी सभी उद्यम इकाई से मैन पावर की डिमांड भी मांग रही है।

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