चैपल का कार्यकाल भारतीय क्रिकेट का सर्वाधिक बुरा समय : हरभजन

हरभजन ने ट्वीट किया, “उन्होंने धोनी को शॉट नीचे रखकर खेलने की सलाह इसलिए दी थी क्योंकि कोच हर किसी को मैदान के बाहर पहुंचा रहे थे। वह अलग खेल खेल रहे थे।” चैपल ने धोनी को लेकर यह भी कहा था कि उन्होंने धोनी से ताकतवर बल्लेबाज अभी तक नहीं देखा।

Written by: May 14, 2020 11:00 am

नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने बुधवार को टीम के पूर्व कोच ग्रैग चैपल के कार्यकाल को भारतीय क्रिकेट का सबसे बुरा समय बताया। चैपल ने एक शो पर महेंद्र सिंह धोनी के बारे में कहा था कि उन्होंने धोनी को हर बार गेंद को सीमारेखा के बाहर मारने के बजाए शॉट को नीचे खेलने की सलाह दी थी।

Harbhajan Singh
इस आर्टिकल को पढ़कर हरभजन ने ट्वीट किया, “उन्होंने धोनी को शॉट नीचे रखकर खेलने की सलाह इसलिए दी थी क्योंकि कोच हर किसी को मैदान के बाहर पहुंचा रहे थे। वह अलग खेल खेल रहे थे।” चैपल ने धोनी को लेकर यह भी कहा था कि उन्होंने धोनी से ताकतवर बल्लेबाज अभी तक नहीं देखा।

चैपल 2005 से 2007 तक भारतीय टीम के कोच रहे थे। उनका कार्यकाल हालांकि विवादों से भरा रहा और कई सीनियर खिलाड़ियों के साथ उनके मतभेद रहे जिसमें तत्कालीन कप्तान और मौजूदा समय में बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली भी शामिल थे।

greg chappell and dhoni

चैपल ने प्लेराइट फाउंडेशन के साथ फेसबुक पेज पर बात करते हुए कहा, “मुझे याद है कि जब मैंने उनको पहली बार बल्लेबाजी करते देखा तो मैं हैरान रह गया था। उस समय वह भारत में सबसे चमकदार क्रिकेट खिलाड़ी थे। वह काफी अलग तरह से पोजीशन में आकर गेंद को मारते थे। मैंने जितने भी बल्लेबाज देखे हैं, उनमें से वो सबसे ताकतवर हैं।”

उन्होंने कहा, “मुझे उनकी श्रीलंका के खिलाफ खेली गई 183 रनों की पारी याद है। उनकी ताकतवर बल्लेबाजी उस समय बेहतरीन थी। अगला मैच पुणे में था और मैंने धोनी से कहा था कि आप हर गेंद को सीमारेखा के पार पहुंचाने के बजाए शॉट नीचे रखकर क्यों नहीं खेलते। अगले मैच में हम तकरीबन 260 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रहे थे और अच्छी स्थिति में थे। धोनी ने कुछ दिन पहले जो बल्लेबाजी की थी, वह उससे उलट बल्लेबाजी कर रहे थे।”

greg chappell and Sourav Ganguly

चैपल ने कहा, “हमें 20 रन चाहिए थे और धोनी ने 12वें खिलाड़ी आरपी सिंह के जरिए मुझसे छक्का मारने को पूछा था। मैंने कहा, तब तक नहीं जब तक लक्ष्य एक अंक में नहीं आ जाता। फिर जब हमें छह रन की जरूरत थी तो उन्होंने छक्का मारकर मैच समाप्त कर दिया।”