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Laal Singh Chadha: नहीं थम रहा आमिर खान की ‘लाल सिंह चड्ढा’ फ़िल्म पर विरोध, अब भड़के मोंटी पनेसर ने लगाई क्लास

Laal Singh Chadha: मोंटी पनेसर ने ट्वीट कर लिखा, फॉरेस्ट गंप अमेरिकी सेना में फिट बैठता है क्योंकि अमेरिका वियतनाम युद्ध के लिए आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कम आईक्यू पुरुषों की भर्ती कर रहा था। यह फिल्म भारत सशस्त्र बलों भारतीय सेना और सिखों के लिए पूर्ण अपमान है !!अपमानजनक। शर्मनाक। बता दें कि फिल्म में आमिर खान के अलावा करीना कपूर (Kareena Kapoor), मोना सिंह, नागा चैतन्य, और मानव विज भूमिकाओं में हैं।

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नई दिल्ली। बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहे जाने वाले आमिर खान (Aamir Khan) इन दिनों अपनी फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ की वजह से विवादों में घिरे  हुए हैं। सोशल मीडिया पर उनकी फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ के रिलीज होने से पहले ही बायकॉट करने की मांग लगातार उठी। इसी बीच आज रक्षाबंधन के मौके पर ‘लाल सिंह चड्ढा’ आखिरकार रिलीज हो ही गई है। फिल्म रिलीज के बाद अब रिव्यू भी सामने आ चुका है। आमिर खान की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों पर खरे उतरते हुए नहीं दिखाई दे रही है। पहले ही दिन कई थिएटरों खाली भी नजर आए। फिल्म को अधिकांश लोग नापंसद कर रहे हैं। इसी बीच अब इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर मोंटी पनेसर ने भी फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ पर प्रतिक्रिया दी है। इतना ही नहीं मोंटी भड़क भी गए हैं। उन्होंने फिल्म के बायकॉट की मांग भी कर डाली है।

lal singh chdda

मोंटी पनेसर ने ट्वीट कर लिखा, फॉरेस्ट गंप अमेरिकी सेना में फिट बैठता है क्योंकि अमेरिका वियतनाम युद्ध के लिए आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कम आईक्यू पुरुषों की भर्ती कर रहा था। यह फिल्म भारतीय सेना और सिखों समुदाय का अपमान करने वाली है !!अपमानजनक। शर्मनाक। बता दें कि फिल्म में आमिर खान के अलावा करीना कपूर (Kareena Kapoor), मोना सिंह, नागा चैतन्य, और मानव विज भूमिकाओं में हैं।

बता दें कि फिल्म में बहुत सारे कंट्रोवर्सिअल मुद्दे भी दिखाए गए हैं। जैसे भारत में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या कर दिया जाना, महिला हिंसा, बाबरी विवाद, बेतुके मुद्दों पर प्रोटेस्ट होना। फिल्म के माध्यम से ये सब दिखाने की कोशिश की गई है। इसके अलावा जब एक सैनिक आर्मी से निकलता है तो वो अंडरवेयर के बिजनेस से जुड़ जाता है। जिसमें वो भारत में रह रहे उस दुश्मन को भी शामिल करता है जिसने कई सैनिकों की हत्या की है। अंत में कहानी एक निश्चित विषय पर न रुककर, इधर-उधर उलझन में घूमती रहती है और अंत में लाल की छवि को एक मासूम, सच्चा, ईमानदार छवि बनाकर खत्म हो जाती है।

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