
नई दिल्ली। दुनियाभर में आजकल आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर चर्चा चल रही है। एक तरफ जहां AI ने बहुत से कामों को आसान कर दिया है तो दूसरी तरफ इसके द्वारा पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को लेकर भी संशय है। बहुत से लोगों को इस बात का डर है कि AI के कारण भविष्य में नौकरियों पर खतरा मंडरा सकता है। इस बारे में OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने जो कहा है वो निश्चित तौर पर चिंता का विषय है। सैम के अनुसार आने वाले समय में AI के कारण सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की जॉब कम हो सकती हैं। वहीं उन्होंने टेक्निकल स्टूडेंट्स को एक उपयोगी सलाह भी दी है।
ChatGPT को बनाने वाली कंपनी OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने हाल ही दिए एक इंटरव्यू में कहा कि आने वाले समय में AI के जरिए वो सारे काम कर हो सकेंगे, जो अनुभवी सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स करते हैं। उन्होंने कहा कि अभी सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जरूरत बहुत ज्यादा है लेकिन भविष्य में इनकी जरूरत कम होती चली जाएगी। ऑल्टमैन ने आगे कहा कि AI की वजह से सबसे बड़ा बदलाव एजेंटिक कोडिंग की एंट्री के साथ आएगा। एजेंटिक कोडिंग, एक ऐसा कॉन्सेप्ट है, जिसमें AI के पास जटिल प्रोग्रामिंग करने की क्षमता होगी, फिलहाल इस पर काम किया जा रहा है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि AI का चाहे कितना ही यूज क्यों ना बढ़ जाए लेकिन ये इंसानों की जगह नहीं ले पाएगा। क्वालिटी कंट्रोल और इनोवेशन के लिए इंसानों की जरूरत पड़ेगी। साथ ही ऑल्टमैन ने स्टूडेंट्स को सलाह दी है कि वो स्पेशल कोडिंग स्किल सीखने की जगह AI टूल्स पर ध्यान केंद्रित करें और उसमें निपुण हों। बता दें कि गूगल, मेटा जैसी कई बड़ी कंपनियों में AI के जरिए काम हो रहा है। गूगल अपने अधिकतर नए कोड AI के द्वारा ही जनरेट करा रही है।