
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की माली हालत दिन पर दिन खस्ता होती जा रही है। विदेशी मुद्रा भंडार लगातार घट रहा है। देश की जनता में आटा खरीदने के लिए मारामारी मची है। पाकिस्तान में हर प्रांत में सस्ते आटे के लिए लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, विदेश में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों ने भी अपने मुल्क में कम पैसा भेजना शुरू कर दिया है। इससे भी पाकिस्तान की खस्ता हालत और बिगड़ती जा रही है। पाकिस्तान के अखबार ‘डॉन’ ने ये खबर दी है। अखबार की खबर के मुताबिक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने आंकड़ों के हवाले से बताया है कि दिसंबर 2022 में विदेश में बसे पाकिस्तानी नागरिकों ने अपने देश में सिर्फ 2.04 अरब डॉलर की रकम ही भेजी।
एसबीपी के मुताबिक एक साल पहले दिसंबर में विदेश में बसे पाकिस्तानियों ने 2.52 अरब डॉलर भेजे थे। यानी इस साल देखें, तो करीब 19 फीसदी की गिरावट आई है। आंकड़ों के मुताबिक नवंबर 2022 में पाकिस्तानी नागरिकों ने 2.10 अरब डॉलर अपने देश में भेजा था। यानी एक महीने में ही डॉलर भेजे जाने में 3 फीसदी की गिरावट आ गई। वित्तीय वर्ष 2022-2023 के पहले 6 महीने में पाकिस्तानियों ने अपने देश में 14 अरब डॉलर भेजे। ये पिछले साल से 11 फीसदी कम है।
डॉन अखबार के मुताबिक विदेश से डॉलर भेजने में आ रही कमी से भी पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार गिरता जा रहा है। इस वजह से जरूरी चीजों का आयात भी पाकिस्तान की सरकार नहीं कर पा रही है। पिछले दिनों आंकड़ा आया था कि पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार गिरकर 5.4 अरब डॉलर रह गया है। हालांकि, सऊदी अरब और यूएई ने पाकिस्तान की मदद करने की बात कही है, लेकिन अभी डॉलर संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के हुक्मरानों को माली हालत सुधारने का कोई और रास्ता नहीं सुझा रहा है।