
वर्जीनिया। अमेरिका में हत्याओं का सिलसिला थम नहीं रहा है। ताजा मामला अमेरिका के वर्जीनिया का है। यहां एक स्टोर में बंदूकबाज ने फायरिंग की। वर्जीनिया में हुई फायरिंग में भारतीय मूल के प्रदीप कुमार पटेल और उनकी बेटी की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। प्रदीप कुमार पटेल और उनकी बेटी वर्जीनिया के एकोमैक काउंटी स्थित ईस्टर्न स्टोर में काम करते थे। शोर डेली न्यूज के मुताबिक 20 मार्च को स्थानीय समय के मुताबिक तड़के 5.30 बजे एकोमैक काउंटी के शेरिफ के पास फोन गया कि किसी ने स्टोर में फायरिंग की है। पुलिस जब वहां पहुंची, तो प्रदीप कुमार पटेल का गोली लगा शव मिला। उनकी बेटी भी घायल मिली। उसे सेंटारा नोरफोक जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां उसकी भी मौत हो गई।
एकोमैक काउंटी के शेरिफ के दफ्तर से बताया गया है कि स्टोर में फायरिंग के संदिग्ध जॉर्ज फ्रेजियर डेवन वार्टन को गिरफ्तार किया गया है। उसकी उम्र 44 साल है। आरोपी ओनानकॉक का निवासी है। शेरिफ डब्ल्यू टॉड वेसेल्स ने बयान में कहा है कि वार्टन को बिना बॉन्ड के एकोमैक जेल में रखा गया है। उस पर प्रथम श्रेणी हत्या का आरोप लगाया गया है। साथ ही प्रथम श्रेणी की हत्या की कोशिश का आरोप भी गिरफ्तार शख्स पर पुलिस ने लगाया है। शेरिफ के दफ्तर से बताया गया कि आरोपी के पास से बंदूक भी बरामद की गई। शेरिफ के दफ्तर के मुताबिक अभी ये नहीं पता चला है कि जॉर्ज फ्रेजियर डेवन वार्टन ने फायरिंग क्यों की।
एकोमैक काउंटी की स्थानीय मीडिया के मुताबिक जिस स्टोर में फायरिंग हुई, उसके मालिक परेश पटेल हैं। परेश पटेल ने बताया कि मृतक प्रदीप कुमार पटेल और उनकी बेटी परिवार के सदस्य थे। उन्होंने बताया कि प्रदीप की बेटी उनके चचेरे भाई की पत्नी थी। परेश पटेल के मुताबिक एक व्यक्ति सुबह स्टोर आया और फायरिंग कर दी। स्टोर में फायरिंग की घटना में शख्स और उनकी बेटी की मौत के बाद एकोमैक काउंटी में बसे भारतीयों के बीच सनसनी फैल गई। सोशल मीडिया के जरिए ये घटना जंगल की आग की तरह फैली। बता दें कि अमेरिका में आए दिन फायरिंग की घटनाएं होती हैं। यहां तक कि स्कूलों में बच्चे भी फायरिंग कर जान ले चुके हैं।