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India-Russia: अमेरिका की चेतावनी के बीच रूस ने भारत को लेकर किया ऐलान, कहा- इंडिया जो भी चाहे…

India-Russia: सर्गेई लावरोव ने कहा कि, ”आपने इसे(रूस-यूक्रेन संकट) युद्ध कहा जो सच नहीं है। यह एक स्पेशल ऑपरेशन है, सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य कीव शासन को किसी भी ऐसे निर्माण से वंचित करना है, जो रूस के लिए खतरा है।”

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PM Modi And Putin

नई दिल्ली। रूस -यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध को एक महीने से अधिक वक्त गुजर चुका है। लेकिन दोनों ही देशों के बीच शांति का रास्ता अब नहीं दिखाई दे रहा है। वहीं रूस के खिलाफ नाटो देश एक के बाद सख्त कदम उठा रहे हैं। अमेरिका भी रूस को लगातार चेतावनी देते हुए कई पाबदियां लगा रहा है। यूक्रेन से युद्ध के बीच रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergey Lavrov) दो दिवसीय दौरे पर के भारत पहुंचे हैं। बता दें कि यूक्रेन पर हमले के बाद रूसी विदेश मंत्री का ये पहला इंडिया दौरा है। खास बात ये भी है रूस के विदेश मंत्री लावरोव का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब रूस के दुश्मन माने जाने वाले अमेरिका के सीनियर अधिकारी भी हिंदुस्तान में हैं।

RUSSIA UKRAIN....

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि, ”हम भारत को किसी भी सामान की आपूर्ति करने के लिए तैयार रहेंगे, जो वो हमसे खरीदना चाहते हैं। रूस और भारत के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं।” सर्गेई लावरोव ने कहा कि, ”आपने इसे(रूस-यूक्रेन संकट) युद्ध कहा जो सच नहीं है। यह एक स्पेशल ऑपरेशन है, सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य कीव शासन को किसी भी ऐसे निर्माण से वंचित करना है, जो रूस के लिए खतरा है।”

बता दें कि इससे पहले रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। इसके अलावा आज ही वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलेंगे।

चीन ने एलएसी का उल्लंघन किया तो रूस मदद नहीं करेगा : यूएस डिप्टी एनएसए

अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार दलीप सिंह ने कहा कि यूक्रेन के साथ युद्ध में जाने के बाद रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को दरकिनार करने की कोशिश करने वाले देशों को इसके परिणाम भुगतने होंगे। मीडिया से बातचीत करते हुए दलीप सिंह ने कहा कि अगर चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा का उल्लंघन करता है, तो रूस मदद नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि मॉस्को और बीजिंग अब ‘नो लिमिट पार्टनरशिप’ में हैं। अमेरिका रूस से भारत के ऊर्जा और अन्य वस्तुओं के आयात में तेजी नहीं देखना चाहता, जो वैश्विक प्रतिबंध व्यवस्थाओं द्वारा निषिद्ध है। दलीप सिंह को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लक्षित करने वाले अमेरिकी प्रतिबंधों के वास्तुकार के रूप में देखा जाता है।

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