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Narendra Modi-Anura Kumara Dissanayake Bilateral Talks : पीएम नरेंद्र मोदी के सामने श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने कर दिया बड़ा ऐलान, चीन को लग सकती है मिर्ची

Narendra Modi-Anura Kumara Dissanayake Bilateral Talks : राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने संकट के समय भारत के द्वारा श्रीलंका को किए गए सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि भारत का समर्थन निश्चित रूप से हमारे लिए महत्वपूर्ण रहा है।

नई दिल्ली। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने संकट के समय भारत के श्रीलंका को किए गए सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जरूरत के समय में श्रीलंका को भारत की सहायता और निरंतर एकजुटता बहुत ही सराहनीय है। इस मित्रता के परिणामस्वरूप ही हम आर्थिक परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के सामने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि हम अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी तरह से भारत के खिलाफ नहीं होने देंगे।

श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने कहा, मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि भारत का समर्थन निश्चित रूप से हमारे लिए महत्वपूर्ण रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की ‘सबका साथ, सबका विकास’ की अवधारणा समय की महत्ता की अवधारणा है। उन्होंने हमेशा श्रीलंका और देश के लोगों की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। वहीं विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रधानमंत्री मोदी की श्रीलंका यात्रा के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग के क्षेत्र में भी विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही है, जहां कई नई उपलब्धियां हासिल की गई हैं। इनमें से पहली उपलब्धि बिजली ग्रिड इंटरकनेक्शन पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करना है।

यह परियोजना पिछले कुछ समय से विचाराधीन थी और इस एमओयू पर हस्ताक्षर के साथ ही अब इसे जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए काम शुरू हो जाएगा। यह परियोजना श्रीलंका को स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण में सहायता करेगी, उपभोक्ताओं के लिए बिजली की लागत कम करेगी, रोजगार सृजित करेगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी। इसी तरह, श्रीलंका भर में 5,000 धार्मिक संस्थानों को सौर छत प्रणालियों की आपूर्ति के संयुक्त उद्घाटन से इन प्रतिष्ठानों के लिए ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी और राष्ट्रीय ग्रिड को 25 मेगावाट तक सौर बिजली का योगदान मिलेगा।