
नई दिल्ली। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने संकट के समय भारत के श्रीलंका को किए गए सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जरूरत के समय में श्रीलंका को भारत की सहायता और निरंतर एकजुटता बहुत ही सराहनीय है। इस मित्रता के परिणामस्वरूप ही हम आर्थिक परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के सामने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि हम अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी तरह से भारत के खिलाफ नहीं होने देंगे।
Sri Lankan President Anura Kumara Dissanayake reaffirms:
“𝐒𝐫𝐢 𝐋𝐚𝐧𝐤𝐚 𝐰𝐢𝐥𝐥 𝐧𝐨𝐭 𝐚𝐥𝐥𝐨𝐰 𝐢𝐭𝐬 𝐭𝐞𝐫𝐫𝐢𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐭𝐨 𝐛𝐞 𝐮𝐬𝐞𝐝 𝐢𝐧 𝐚𝐧𝐲 𝐦𝐚𝐧𝐧𝐞𝐫 𝐢𝐧𝐢𝐦𝐢𝐜𝐚𝐥 𝐭𝐨 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚’𝐬 𝐬𝐞𝐜𝐮𝐫𝐢𝐭𝐲 𝐨𝐫 𝐫𝐞𝐠𝐢𝐨𝐧𝐚𝐥 𝐬𝐭𝐚𝐛𝐢𝐥𝐢𝐭𝐲.”
A strong… pic.twitter.com/sGHtCcerKM
— All India Radio News (@airnewsalerts) April 5, 2025
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने कहा, मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि भारत का समर्थन निश्चित रूप से हमारे लिए महत्वपूर्ण रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की ‘सबका साथ, सबका विकास’ की अवधारणा समय की महत्ता की अवधारणा है। उन्होंने हमेशा श्रीलंका और देश के लोगों की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। वहीं विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रधानमंत्री मोदी की श्रीलंका यात्रा के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग के क्षेत्र में भी विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही है, जहां कई नई उपलब्धियां हासिल की गई हैं। इनमें से पहली उपलब्धि बिजली ग्रिड इंटरकनेक्शन पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करना है।
#WATCH | Colombo: Sri Lankan President Anura Kumara Dissanayake says, “Buddhism is the most precious gift received by us from India…I would like to emphasize that the support of India has certainly been important for us. PM Modi’s concept of ‘Sabka Saath Sabka Vikas’ is a… pic.twitter.com/QEAibhm6yp
— ANI (@ANI) April 5, 2025
यह परियोजना पिछले कुछ समय से विचाराधीन थी और इस एमओयू पर हस्ताक्षर के साथ ही अब इसे जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए काम शुरू हो जाएगा। यह परियोजना श्रीलंका को स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण में सहायता करेगी, उपभोक्ताओं के लिए बिजली की लागत कम करेगी, रोजगार सृजित करेगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी। इसी तरह, श्रीलंका भर में 5,000 धार्मिक संस्थानों को सौर छत प्रणालियों की आपूर्ति के संयुक्त उद्घाटन से इन प्रतिष्ठानों के लिए ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी और राष्ट्रीय ग्रिड को 25 मेगावाट तक सौर बिजली का योगदान मिलेगा।