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दुनिया

Iraq Violence: शिया धर्मगुरु के राजनीति से संन्यास लेने के एलान से सुलगा इराक, बगदाद समेत कई जगह फायरिंग, 15 की मौत के बाद देशभर में कर्फ्यू

प्रदर्शन के दौरान ही ईरान समर्थक संगठनों ने भी हस्तक्षेप किया और इसके बाद अल-सद्र के समर्थकों ने हिंसा करनी शुरू कर दी। बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास इराक में बने कत्युषा रॉकेट तक दागे गए। यहां तक कि इन रॉकेटों को राष्ट्रपति आवास और अन्य सरकारी इमारतों पर भी दागा गया। राष्ट्रपति भवन में भी मुक्तदा के समर्थक घुस गए।

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moqtada al sadr

बगदाद। इराक के शिया धर्मगुरु मुक्तदा-अल-सद्र के राजनीति से हटने और इस्तीफे के बाद इराक की राजधानी बगदाद समेत कई जगह हिंसा भड़क उठी। सोमवार को जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। इस दौरान मुक्तदा के समर्थकों और सुरक्षाबलों के बीच गोलीबारी हुई। इससे बगदाद में 15 लोगों की मौत और 300 के करीब लोगों के घायल होने की खबर है। रातभर बगदाद के अति सुरक्षित ग्रीन जोन में रॉकेट भी दागे गए। हालात को गंभीर होते देखकर पूरे इराक में कर्फ्यू लगा दिया गया है। मीडिया की खबरों के मुताबिक मुक्तदा-अल-सद्र के राजनीति से संन्यास लेने के एलान के बाद उनके समर्थक सड़क पर उतर आए और विरोध जताने लगे।

प्रदर्शन के दौरान ही ईरान समर्थक संगठनों ने भी हस्तक्षेप किया और इसके बाद अल-सद्र के समर्थकों ने हिंसा करनी शुरू कर दी। बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास इराक में बने कत्युषा रॉकेट तक दागे गए। यहां तक कि इन रॉकेटों को राष्ट्रपति आवास और अन्य सरकारी इमारतों पर भी दागा गया। प्रदर्शनकारी हथियार लेकर राष्ट्रपति भवन में घुस गए। इसके बाद हालात से निपटने के लिए पुलिस और सेना ने मोर्चा संभाला। उनसे भी मुक्तदा समर्थकों का संघर्ष और फायरिंग हुई। जिसमें लोगों के मारे और घायल होने की खबरें हैं। बगदाद में मचे हंगामे में शिया और सुन्नी गुटों के आतंकी संगठन भी शामिल हो गए। इराक का रैंबो के नाम से कुख्यात शिया उग्रवादी संगठन का कमांडर अबु इजरायल के घर भी दूसरे गुट के आतंकियों ने फायरिंग की।

वहीं, एक और उग्रवादी गुट अल-हक के बगदाद और बसरा मुख्यालय को आग के हवाले कर दिया गया। सेना ने इसके बाद बख्तरबंद गाड़ियों में सवार होकर हालात को संभालने की कोशिश शुरू की। मुक्तदा के समर्थक भी उनसे टक्कर लेने लगे। पूरा बगदाद और बसरा हिंसा की चपेट में आ गया। जगह-जगह इमारतों से आग की भीषण लपटें उठती देखी गईं। लोग संसद को भंग करने की मांग कर रहे थे। मुक्तदा के कुछ समर्थक इस दौरान राष्ट्रपति भवन के स्वीमिंग पूल में तैरते और मस्ती करते भी नजर आए। ताजा खबरों के मुताबिक हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। सेना ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने का जिम्मा लिया है।

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