Gunja ke tantra totake: गुंजा के चमत्कारी प्रयोग से कैसे पाएं जीवन में उन्नति, सुख, शांति, संतान, सम्मान, खुशहाली!, जानें इसका तरीका

Gunja ke tantra totake: तीन के अलावा एक अन्य प्रकार की गुंजा (Gunja) भी पायी जाती है जो पीली गुंजा (Yellow Gunja) है, ये दुर्लभतम है क्योंकि ये कोई विशिष्ट प्रजाति नहीं है किन्तु लाल (Red) और सफ़ेद (White) प्रजातियों में कुछ आनुवंशिक विकृति होने पर उनके बीज पीले हो जाते हैं। इस कारण पीली गूंजा कभी पूर्ण पीली तो कभी कभी लालिमा या कालिमा मिश्रित पीली भी मिलती है।

Coral beads

लाल गुंजा – लाल काले रंग की ये प्रजाति भी तीन तरह की मिलती है जिसमें लाल और काले रंगों मिश्रण का भी मिलता है। इस वाले गुंजा का अधिकतर तंत्र क्रियोओं में ही प्रयोग किया जाता है। ( लाल गुंजा की माला सिद्ध करके गले में धारण करने से हर कोई वशीकरण का प्रभाव में होता है।)

सफेद गुंजा – सफेद गुंजा में भी एक सिरे पर कुछ कालिमा रहती है। यह आयुर्वेद उपचार और तंत्र क्रियाओं दोनों में ही सामान रूप से प्रयोग होता है। ये लाल प्रजाति की अपेक्षा दुर्लभता से मिलता है।

काली गुंजा – काली गुंजा दुर्लभ होती है, आयुर्वेद में भी इसके प्रयोग लगभग नहीं ही मिलता है, लेकिन तंत्र प्रयोगों में ये बेहद महत्वपूर्ण माना जाता हैं।

इन तीन के अलावा एक अन्य प्रकार की गुंजा भी पायी जाती है जो पीली गुंजा है, ये दुर्लभतम है क्योंकि ये कोई विशिष्ट प्रजाति नहीं है किन्तु लाल और सफ़ेद प्रजातियों में कुछ आनुवंशिक विकृति होने पर उनके बीज पीले हो जाते हैं। इस कारण पीली गूंजा कभी पूर्ण पीली तो कभी कभी लालिमा या कालिमा मिश्रित पीली भी मिलती है।

मशहूर चमत्कारी गुंजा के अदभुत टोटके

संतान की प्राप्ति के लिए

शुभ मुहुर्त में सफेद गुंजा की जड़ लाकर गाय के दूध से धोकर, सफेद चन्दन, पुष्प, धुप दीप से पूजा करके सफेद धागे में पिरोकर। “ऐं क्षं यं दं” मंत्र के ग्यारह हजार जाप करके स्त्री या पुरूष धारण करे तो निश्चिं ही संतान सुख की प्राप्ति होती है।

वशीकरण के लिए

आप जिस व्यक्ति का वशीकरण करना चाहते हों उसका अपने मन में चिंतन करते हुए मिटटी का दीपक लेकर अभिमंत्रित गुंजा के 5 दाने लेकर उन्हें शहद में डुबोकर रख दें, इस प्रयोग से शत्रु भी वशीभूत हो जाते हैं। यह प्रयोग ग्रहण काल, होली, दीवाली, पूर्णिमा, अमावस्या आदि की अर्ध रात्रि में यह प्रयोग में करने से बहुत फलदायक होता है।

अगर गुंजा के दानों को अभिमंत्रित करके जिस किसी भी व्यक्ति के पहने हुए कपड़े या रुमाल में बांधकर रख दिया जायेगा तो वह हमेशा के लिए आपका हो जायेगा। जब तक कपड़ा खोलकर गुंजा के दाने नहीं निकलेंगे तब तक वह व्यक्ति वशीकरण के प्रभाव में रहेगा।

जीवन भर सम्मान मिलेगा

शुद्ध जल (गंगाजल, कुएं का जल या अन्य तीर्थों का जल ) में गुंजा की जड़ को चंदन की भांति घिसें। अगर संभव हो तो किसी वेदपाठी ब्राह्मण या कुंवारी कन्या के हाथों से घिसवायें। यह लेप माथे पर चंदन की तरह लगायें। ऐसा व्यक्ति सभा-समारोह आदि जहां भी जायेगा, उसे वहां विशिष्ट मान सम्मान मिलेगा।

गुंजा के प्रयोग से आयेगी दाम्पत्य जीवन में खुशहाली, व्यवसाय, कारोबार में होगी बरकत

अपने प्यार को पाने की लालसा हर व्यक्ति मे होती है परन्तु हर किसी को अपना मनचाहा साथी नहीं मिल पाता परन्तु लाल/काली गुंजा एकमेव ऐसा उपाय है जिसके प्रयोग से आप अपना मनचाहा साथी पा सकते है तंत्र शास्‍त्र के चमत्‍कारिक उपाय के लिए लाल और काली गुंजा आपकी मदद कर सकती हैं। इसमे वशीकरण करने की अद्भुत शक्ति होती है।

गुंजा एक प्रकार का दुर्लभ बीज है, जिसका प्रयोग प्राचीन काल से तांत्रिक क्रियाओं में किया जाता रहा है। गुंजा मे वशीकरण की अद्भुत शक्‍ति होती है। इससे आप अपने शत्रु तक को वश में कर सकते हैं।

गुंजा के लाल और काले रंग के बीज होते हैं और इसके अलावा गुंजा की जड़ भी उपयोगी होती है। लाल गुंजा माला से आपकी लव लाइफ में खुशियां आ सकती है और आप अपने शत्रुओं को वश में भी कर सकते हैं।

आइए जानते हैं लाल गुंजा के लाभ

Coral beads

अगर आपके बच्‍चे को बार-बार नज़र लग रही है तो आपको उसे बुरी नज़र से बचाने के लिए उसके हाथ में गुंजा का ब्रेसलेट पहना देना चाहिए। इससे बच्‍चों पर किसी की बुरी नज़र का असर नहीं होता है। इसके प्रभाव से कामकाज तथा व्यवसाय में आने वाली रूकावटे अपने आप समाप्त होने लगती है तथा घर में धन-धान्य की कमी कभी नहीं होती। विवाह के समय वर के हाथों में लाल गुंजा पिरोकर पहनाई जाती है जिसके कारण वर-वधू को किसी की नजर नहीं लगती।

काली गुंजा का महत्‍व

काले रंग की गुंजा को बहुत खास माना गया है। कहते हैं कि जिस व्‍यक्‍ति के पास ये गुंजा होती है अगर उस पर कोई विपत्ति या परेशानी आने वाली हो तो इसका रंग अपने आप ही बदल जाता है।

अपने जीवनसाथी को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए भी काली गुंजा का प्रयोग किया जाता है।

कुष्ठ रोगियों के घाव पर गुंजा के मूल को अलसी के तेल में घिसकर लगाने से फायदा होता है।

अगर आपकी आँखों की रोशनी कमजोर है, तो आप गाय के देसी घी में गुंजा घिसकर प्रतिदिन लगाने से आंखों की रोशनी आती है, अंधकार दूर हो जाता है।

इस दिन करें उपाय

अगर आप किसी को वशीभूत करना चाहते हैं या किसी से अपनी बात मनवाना चाहते हैं तो उसके कपड़ों में गुंजा के दाने अभिमंत्रित करके रख दें। जब तक ये दाने उस व्‍यक्‍ति के कपड़े में बंधे रहेंगें तब तक वह आपका विरोध नहीं करेगा या आपके ऊपर मोहित रहेगा। आपको ये उपाय किसी भी शुभ दिन तथा दीवाली, ग्रहण, होली, पूर्णिमा और अमावस्‍या के दिन करने से फायदा होता है।

काली गुंजा का उपाय

अपने जीवनसाथी को आकर्षित करने के लिए भी काली गुंजा का प्रयोग किया जा सकता है। जिसे आप प्‍यार करते हैं उसका नाम लेते हुए मिट्टी के एक दीपक में शहद डालकर उसमें गुंजा के पांच दाने रख दें। अब जिस व्‍यक्‍ति को आप अपने वश में करना चाहते हैं या जिसे आकर्षित करना चाहते हैं उसे कपड़ों में गुंजा के दाने अभिमंत्रित करके रख दें। सामूहिक वशीकरण के लिए गुंजा की माला का प्रयोग किया जाता है।

गुंजा के बारे में विशेष बात

गुंजा की सबसे खास बात ये है कि साफ मन और सकारात्‍मक भाव से इसका प्रयोग किए जाने पर संतान सुख की प्राप्ति होती है तथा किसी के अनिष्‍ट की आकांक्षा रखने पर ये बुरा असर दिखाने लगती है। इसके प्रयोग से ज्ञान और बुद्धि का विकास होता है।

व्यवसाय, कारोबार या नौकरी में होगी बरकत

किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के पहले बुधवार के दिन 1 तांबे का सिक्का, 6 लाल गुंजा बीज कोरे लाल कपड़े में बांधकर सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे के बीच में किसी सुनसान जगह में अपने ऊपर से 11 बार उतार कर 11 इंच गहरा गङ्ढा खोदकर उसमें दबा दें। ऐसा 11 बुधवार करें। दबाने वाली जगह हमेशा नई होनी चाहिए। इस प्रयोग से व्यवसाय कारोबार या नौकरी में बरकत होगी, घर में धन का कभी भी अभाव नहीं होगा।

ज्ञान-बुद्धि प्रदायक

गुंजा-मूल को लाल या काली बकरी के दूध में घिसकर हथेलियों पर लेप करे, रगड़े कुछ दिन तक यह प्रयोग प्रतिदिन करते रहने से व्यक्ति की बुद्धि, स्मरण-शक्ति तीव्र होने लगती है, चिंतन, धारणा आदि शक्तियों में प्रखरता व तीव्रता आने लगेगी।

यदि सफेद गुंजा के 11 या 21 दाने अभिमंत्रित करके विद्यार्थियों के कक्ष में उत्तर पूर्व में रख दिया जाये तो एकाग्रता एवं स्मरण शक्ति में गजब का लाभ होता है।

वर-वधू की रक्षा के लिए

विवाह के समय लाल गुंजा वर के कंगन में पिरोकर पहनायी जाती है। यह तंत्र का एक प्रयोग है, जो वर की सुरक्षा, समृद्धि, नजर-दोष निवारण एवं सुखद दांपत्य जीवन के लिए है। गुंजा की माला आभूषण के रूप में पहनी जाती है।

विष-निवारण

गुंजा की जड़ को गंगाजल से धोने के बाद सुखाकर रख लें। यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार के जहर विष –के प्रभाव से अचेत हो रहा हो तो उसे पानी में गुंजा की जड़ को घिसकर पिलायें। इसको पानी में घिस कर पिलाने से हर प्रकार का विष जहर उतर जाता है।

दिव्य दृष्टि की प्राप्ति

अलौकिक तामसिक शक्तियों के दर्शन- भूत-प्रेतादि शक्तियों के दर्शन करने के लिए मजबूत हृदय वाले व्यक्ति, गुंजा मूल को रवि-पुष्य योग में या किसी भी मंगलवार के दिन- शुद्ध शहद में घिस कर आंखों में अंजन (सुरमा/काजल) की भांति लगायें तो, आपको भूत, चुडैल, प्रेतादि के दर्शन होने लगेंगे।

गुप्त धन दर्शन

अंकोल या अंकोहर के बीजों के तेल में गुंजा-मूल को घिस कर आंखों पर अंजन की तरह लगायें। यह प्रयोग रवि-पुष्य योग में, रवि या मंगलवार को ही करें। इसको आंजने से पृथ्वी में गड़ा खजाना तथा आस पास रखा धन दिखाई देने लगता है।

शत्रु में भय उत्पन्न

गुंजा-मूल (जड़) को किसी स्त्री के मासिक स्राव रक्त में घिस कर आंखों में सुरमे की भांति लगाने से शत्रु उसकी आंखों को देखते ही भाग खड़े होने लगेंगे।

रोग-बाधा, कुष्ठ निवारण – गुंजा मूल को अलसी के तेल में घिसकर लगाने से कुष्ठ (कोढ़) के घाव ठीक हो जाते हैं।

अंधापन समाप्त – गुंजा-मूल को देशी गाय के घी में घिसकर प्रतिदिन लगाते रहने से अंधत्व कुछ ही में दूर हो जाता है।

नौकरी में बाधा

राहु के प्रभाव के कारण व्यवसाय या नौकरी में बाधा आ रही हो तो लाल गुंजा व सौंफ को कोरे लाल वस्त्र में बांधकर अपने कमरे में रखें।

गुंजा के चमत्कारिक प्रयोगः-

Coral beads

गुंजा को सामान्यतः चिरमिटी, घुंघची एवं रत्ती आदि नामों से जाना जाता हैं। गुंजा एक जंगली बेल की फली का बीज है। गुंजा की पत्तियां इमली के समान होती है तथा इसमें मटर के समान फूल आते हैं, जो गुलाबी होने के कारण ओैर सुन्दर प्रतीत होते है।

गुंजा की बेल की फली फाल्गुन ’’मार्च’’ माह में पककर चटक जाती है तथा फली के अन्दर के दाने दिखाई देने लगते हैं। कभी-कभी फली के अधिक चटक जाने पर दाने फली से निकलकर जमींन पर गिर पड़़ते है। गुंजा के बीज एवं जड़ का भी तांत्रिक प्रयोग किया जाता है। गुंजा की दो प्रजातियां पाई जाती हैं। लाल और सफेद गुंजा का प्रयोग प्राचीन काल से बीज का प्रयोग माप तौल कीर सूक्ष्म इकाई के रूप में किया जाता है। सोने-चांदी के व्यवसायी बाट के रूप में जिस रत्ती का प्रयोग करते थे, वह यही गुंजा होती है।

सुरक्षा कारक प्रयोगः-

जिन व्यक्तियों को अपनी सुरक्षा के प्रति भय रहता हो तथा अकारण ही जीवन के प्रति मन सषंकित रहता हो, उन्हें लाल या सफेद गुंजा पीले वस्त्र में बांधकर अपने पास रखनी चाहिए।

अनेक परिवारों में विवाह के समय वर को एक कंगन पहनाया जाता है, जिसमें लाल अथवा सफेद रत्ती पिरोई गई होती हैं। इसको पहनने से वर की सुरक्षा होती हैं तथा उसका जीवन सुखमय एवं समृद्ध होता हैं। एक प्रकार से यह एक तांत्रिक टोटका होता हैं, जो एक सामाजिक परम्परा का रूप ले चुका है। जिन बच्चों को बार-बार नजर लगती हो, उनके गले में तीन, पांच या सात गुंजा के दाने लाल वस्त्र में बांधकर पहना देना चाहिए। इससे बुरी नजर से वे बचे रहेंगे।

यदि आपके घर के सामने कोई टोना-टोटका करता हो तो अपने घर के मुख्य द्वार पर पांच अथवा सात गुंजाएं नए लाल वस्त्र में बांधकर लटका देनी चाहिए।

यदि किसी शत्रु से सामना होने की संभावना हो अथवा किसी विरोधी व्यक्ति से कोई महत्वपूर्ण बातचीत करनी होतो सफेद गुंजा के 11 दाने अपनी जेब में डालकर ले जाएं।

वषीकरण प्रयोग

काली गुंजा के तीन या पांच दाने शहद में डुबोकर रख दें तथा इस प्रक्रिया के समय जिस व्यक्ति का वशीकरण करना हो उसका मन ही मन ध्यान करते रहें।

वर्षा का जल एकत्रित करके रख दें तथा उसमें काली गुंजा के 2 दाने डाल दें। एक दिन रखने के बाद वर्षा के जल एवं काली गुंजा को कुछ मिट्टी खोदकर दबा दे तथा इस प्रक्रिया के दौरान जिस व्यक्ति को वशीभूत करना हो उसका मन ही मन चिन्तन करते रहें। यदि वह बेल बनकर उग आएं। तो संबंधित व्यक्ति आपकी और आकर्षित होने लगेगा। जैसे-जैसे वह बेल बढ़ती जाएगी, वह पूर्ण रूप से आपके वश में हो जाएगा।

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