पंडित दयानन्द शास्त्री

‘टाइगर रत्न’ (Tiger stone) सबसे अधिक प्रभावी तथा बहूपयोगी एवं शीघ्र फल प्रदान करने वाला स्टोन है। इसे टाइगर आई भी कहते हैं। इस रत्न पर टाइगर के समान पीली एवं काली धारियां होने के कारण इसे ‘टाइगर स्टोन’ कहते हैं। यह प्रभाव में भी टाइगर (चीता) के समान लक्षण उत्पन्न करता है।

शिवतांडव स्तोत्र (Shiva Tandava Stotra) जिसके माध्यम से आप न केवल धन सम्पति पा सकते हैं बल्कि जीवन में आने वाली समस्त बाधाओं को दूर भी किया जा सकता है। शिवतांडव स्तोत्र लंकाधिपति रावण द्वारा रचा गया है।

शिवलिंग को कई अन्य नामों से भी संबोधित किया गया है जैसे कि: प्रकाश स्तंभ/लिंग, अग्नि स्तंभ/लिंग, उर्जा स्तंभ/लिंग, ब्रह्माण्डीय स्तंभ/लिंग इत्यादि! यहाँ यह ध्यान देने योग्य बात है कि इस ब्रह्माण्ड में दो ही चीजे हैं। ऊर्जा और पदार्थ। इसमें से हमारा शरीर पदार्थ से निर्मित है जबकि आत्मा एक ऊर्जा है।

शिवलिंग का वास्तविक अर्थ क्या है और कैसे इसका गलत अर्थ निकालकर हिन्दुओं को भ्रमित किया गया कुछ लोग शिवलिंग की पूजा की आलोचना करते है, छोटे-छोटे बच्चों को बताते हैं कि हिन्दू लोग लिंग और योनी की पूजा करते हैं, इन लोगों को संस्कृत का वास्तविक ज्ञान नहीं होता है।

अक्सर लोग मंदिर से जुड़ी कुछ गलतियां कर बैठते हैं जो घर के लिए अशुभ मानी जाती हैं। आज हम आपको मंदिर से जुड़ी कुछ ऐसी बातों के बारे में बताएंगे जो कि आपको घर के मंदिर में नहीं करनी चाहिए।

आज के आधुनिक भौतिक युग में कोई इस पर विश्वास करे न करे, किंतु इन रहस्यमयी विद्याओं का अस्तित्व जनमानस के मन-मस्तिष्क में सदैव ही रहा है। ऐसी ही एक रहस्यमयी, पर शंकाओं से भरी विद्या, तंत्र शास्त्र की कुछ पुरानी मान्यताएं हैं।

Siyar Singhi : सियार सिंगी (Siyar Singhi) बहुत ही चमत्कारी वस्तु होती है इसे घर में रखने से सकारात्मक उर्जा (Positive Energy) का अनुभव होता है, सियार सिंगी बालों के एक गुच्छे कि तरह होती है, असल में सियार के सींग नहीं होते परन्तु कुछ सियारों के नाक के ऊपर बालो का एक गुच्छा बन जाता है।

Siyar Singhi: क्या आप जानते हैं कि प्राचीन काल में घर में कई शुभ वस्तुएं रखी जाती थीं, उनमें से एक सियार सिंगी (Siyar Singhi) भी है। इन दिनों हर कोई ज्योतिष (Astrology) विज्ञान जानने का दावा करता है।

Siyar Singhi : क्या आप जानते हैं कि प्राचीन काल में घर में कई शुभ वस्तुएं रखी जाती थीं, उनमें से एक सियार सिंगी (Siyar Singhi) भी है। इन दिनों हर कोई ज्योतिष विज्ञान जानने का दावा करता है और कहीं से पढ़कर इस तरह की वस्तुओं के संग्रह की सलाह देता है।

Navratri 2020: दुर्गा अष्टमी (Durga Ashtami) कल यानी शनिवार, 24 अक्टूबर को है। दुर्गा अष्टमी के पूजन का विशेष महत्व (Importance of Durga Ashtami) होता है। नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्याओं का मां का रुप मानकर पूजन (Kanya Poojan) किया जाता है।