पंडित दयानन्द शास्त्री

भगवान श्रीकृष्ण विष्णु जी के आठवें अवतार हैं। अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र के योग में इनका जन्म हुआ था। जन्माष्टमी पर लोग कान्हा जी के बाल स्वरूप की पूजा करते हैं।

पैसे फंसे हों या कर्ज हो तो मात्र मंगल ग्रह का उपाय किया जाना चाहिये। नीचे दिये यंत्र के साथ मंगल का प्रभावी पौराणिक मंत्र भी दिया गया है साथ ही में मंगल के कुछ तांत्रिक उपाय भी किये जाते हैं उसमे भी कुछ विशेष मंत्र ही पढ़ने होते हैं।

साधारण मनुष्य नियति या प्रारब्ध अटल होने के बावजूद ज्योतिष के साधारण उपायों से अपने कष्टों कों दूर कर घर में सुख-समृद्धि ला सकता है। यह पूरी तरह निश्चित है कि साधारण उपायों से जीवन में सुख शांति एवं समृद्धि लाई जा सकती है।

तीर्थ नगरी उज्जैन में ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर के प्रांगण में प्रथम तल पर भगवान शिव नागचंद्रेश्वर के स्वरूप में विराजमान है। इनके दर्शन वर्ष में केवल श्रावण मास शुक्ल पक्ष की पचंमी तिथि जिसे नागपंचमी के रूप में मनाया जाता हैं, उसी दिन होते है।

नाग पंचमी के दिन नाग देवता की आराधना करने से भक्तों को उनका आशीर्वाद मिलता है। इस बार नाग पंचमी 25 जुलाई को पड़ रही है।

ज्योतिषियों के अनुसार यदि निर्धारित समय राम मंदिर का भूमि पूजन सकुशल संपन्न हो गया तो अयोध्या विश्व पटल पर छा जाएगी। आप भी जानिए आखिर राम मंदिर निर्माण की तारीख 5 अगस्त 2020 को ही क्यों चुना गया ??

गुरुवार के दिन से सूर्य, कर्क में प्रवेश कर चुके हैं। जैसे ही सूर्य का कर्क में गोचर हुआ, तभी से सम-सप्‍तम योग लग गया। इस योग के होने का अर्थ है कि सूर्य कर्क में और शनि मकर राशि में होंगे।

जानें अमिताभ बच्चन पर कोरोना संक्रमण का ज्योतिषीय कारण किसी भी जातक की जन्म पत्रिका में केतु और शुक्र का मिलन, कोरोना (अज्ञात,आकस्मिक रोग) और इन्फेक्शन के कारक बनते हैं।

हिंदू धर्म में सावन का महीना का बहुत ही महत्व है। इस महीने में जो भी भक्त सोमवार का व्रत रखता है उसकी सभी मनोकामनाएं भगवान शिव पूरी करते है। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस पूरे महीने शिवभक्त बड़ी ही श्रद्धा के साथ उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। सावन माह में पड़ने वाली शिवरात्रि अपना विशेष महत्व रखती है।

कल 21 जून 2020 को होने वाले सूर्य ग्रहण में ग्रहण काल का स्पर्श प्रातः 9:15 से आरंभ हो जाएगा जिसका भाग्य स्पर्श 10:17 से आरंभ होगा ग्रहण का मध्य 12:09 तक तथा ग्रहण का उन्मूलन दोपहर 2:02 तक रहेगा पूर्णता ग्रहण की समाप्ति दोपहर 3:03 पर होगी। जानिए कंकण सूर्य ग्रहण पर करने योग्य उन उपाय या मन्त्रों को जिनको करने से आपका कल्याण होगा