‘कोरोना काल’ से उबरने और भारत की आर्थिक रिकवरी में अगले 100 दिन होंगे बेहद निर्णायक: एस के नरवर

पिछले महीने भारत की आर्थक गतिविधियों में काफी तेजी आई है। निर्यात में लगभग 98% की वापसी हो गई जबकि आयात में 74% तक की वापसी हो गई है। विकास के कई मूल सूचक जैसे PMI data, GST mop-up, टोल चार्ज, बिजली खपत में काफी ईजाफा हुआ है।

Avatar Written by: October 26, 2020 9:38 pm
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कोविड-19 महामारी ने एक झटके में दुनिया भर में लाखों जिंदगियां तबाह कर दी, वैश्विक अर्थव्यवस्था को अप्रत्याशित क्षति पहुंचाई। भारत में लंबे लॉकडाउन लगने से इस महामारी पर लगाम लगाने में मदद तो मिली लेकिन अर्थवयवस्था को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। हालांकि पिछले महीने विकास के कई सूचक काफी उत्साहित करने वाले हैं। उद्योग जगत के बड़े हस्ती और कैपिटल इंडिया कॉर्प के चेयरमैन एस के नरवर का मानना है कि कोविड-19 के कारण अर्थव्यवस्था में जो सुस्ती आई है, उसका जल्द ही अंत होगा। उनका कहना है कि अगले 100 दिन देश की आर्थिक रिकवरी के लिए काफी निर्णायक होंगे।

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एस के नरवर, चेयरमैन, कैपिटल इंडिया कॉर्प से साक्षात्कार के कुछ मुख्य अंश….

Q – IMF और World Bank दोनों ने भारतीय अर्थव्यवस्था में इस साल भारी गिरावट की बात कही है। इसपर आपका क्या विचार है?

A – IMF ने यह भी कहा है कि 2020-2021 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 8.8 प्रतिशत की जोरदार बढ़त दर्ज होगी और वह चीन को पीछे छोड़ते हुये तेजी से उभरता हुआ अर्थव्यवस्था का दर्जा फिर से हासिल कर लेगा।

पिछले कुछ सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कई क्षेत्रों में अप्रत्याशित और मजबूत सुधार (reforms)  हुए हैं। कृषि से लेकर रक्षा विभाग, रियल इस्टेट से अंतरिक्ष, शिक्षा से लेकर श्रम विभाग…इन सभी क्षेत्रों में सुधार से गतिविधियां तेज हुई हैं और इसका फायदा निकट भविष्य में देखने को मिलेगा। बल्कि मुझे लगता है कि आर्थिक गतिविधियों में तेजी की शुरुआत हो चुकी है।

कोरोनावायरस ने ना केवल भारत बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़ा अवरोध पैदा किया है। UNCTAD की रिपोर्ट के मुताबिक अंतराष्ट्रीय व्यापार में एक-चौथाई से भी ज्यादा गिरावट की उम्मीद है,  FDI में करीब 40% गिरावट का अंदेशा है।

Q – सितंबर महीने में देश के आर्थिक मानकों में काफी बदलाव देखने को मिला है।

India economic growth rate in BRICS countries Report

A – पिछले महीने भारत की आर्थक गतिविधियों में काफी तेजी आई है। निर्यात में लगभग 98% की वापसी हो गई जबकि आयात में 74% तक की वापसी हो गई है। विकास के कई मूल सूचक जैसे PMI data, GST mop-up, टोल चार्ज, बिजली खपत में काफी ईजाफा हुआ है। साथ ही पेट्रो-केमिकल और आर्थिक सेवाओं में भी काफी वृद्धि हुई है, इसका मतलब साफ है कि कई क्षेत्रों में आर्थिक तेजी दिखनी शुरु हो गई है।

मुझे लगता है कि अगले 100 दिन, देश की आर्थिक दिशा, दशा और रिकवरी तय करने में बहुत ही अहम भूमिका निभायेंगे।

Q – अगले 100 दिन की बात का थोड़ा विस्तार से विश्लेषण करें

A – कई क्षेत्रों में आई आर्थिक तेजी इस बात का संकेत है कि आर्थिक सुस्ती का अंत नजदीक है और देश फिर से तेज GDP वृद्धि दर की तरफ अग्रसर होगा। केंद्र सरकार ने इस अप्रत्याशित महामारी और इससे उत्पन्न आर्थिक मंदी पर लगाम लगाने के लिए पहले ही कई संरचनात्मक और फिस्कल सुधार की दिशा में कदम उठाये हैं। यह दूरदर्शी नीतियां ना केवल मौजूदा समस्या से निपटने में मदद करेंगी बल्कि आर्थिक विकास के अगले चरण को छूने के लिए भी एक मजबूत आधार तय करेगी। ‘आत्मनिर्भर भारत’ इस दिशा में उठाया गया एक ऐसा ही अप्रत्याशित कदम है।

अगले 100 दिन देश में त्योहारों का माहौल रहेगा और देश की आर्थिक रिकवरी में इसका बड़ा योगदान होगा। उद्योगपतियों और उद्यमियों के लिए यह सुनहरा मौका है जब वे मौजूदा अवसरों का भरपूर उपयोग करें और फिर से ‘ग्रोथ फेज’ में वापसी करें। सुस्ती से चुस्ती पाने का यही समय है।

Q – आर्थिक रिकवरी के क्या कुछ लक्षण दिख रहे हैं ?

A –  Rapipay’s Micro ATMs की शुरुआत और जमीनी स्तर पर इसका कारगर क्रियान्वयन एक बढ़िया उदाहरण है। लॉकडाउन के दौरान इसी Micro ATM के माध्यम से केंद्र सरकार ने कामगारों, श्रमिकों, मजदूरों और किसानों के जन धन खाते में सीधे 1.75 लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर किये।

gdp

लॉन्च के एक महीने के भीतर ही Rapipay’s Micro ATMs के करीब 25,000 यंत्र जगह-जगह लगाये गए। यह दर्शाता है कि देश के उद्यमी नए व्यापार और व्यव्साय से जुड़ने के लिए तत्पर हैं।

Q – पिछले कुछ हफ्तों के आंकड़ों से साफ हो रहा है कि कोरोनावायरस की रफ्तार कमज़ोर हो गई है? क्या आपको लगता है कि हालात जल्द सामान्य हो जायेंगे ?

A – अनुमान है कि कोविड-19 वैक्सीन 2021 के शुरुआत तक आ जायेगी लेकिन देशभर में इसके वितरण में काफी समय लगेगा। फिलहाल, इस बीमारी से लड़ाई में दो गज की दूरी ही सबसे प्रभावी उपाय है।

Corona Testing

यह हम सबकी जिम्मेदारी है,  हम मिलकर इस महामारी का मुकाबला करें। दो गज की दूरी और कोविड-19 के गाईडलाइन… यदि सब मिलकर इसका पालन करें, तो बीमारी से निजात पाना काफी आसान होगा।

Q – कोरोना महामारी पर लगाम लगाने में सरकार की भूमिका पर आपका क्या विचार है ? 

A – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कोविड-19 जैसी महामारी के खिलाफ निर्णायक जंग लड़ी है। आज भारत की रिकवरी रेट दुनिया में सबसे बेहतर है जबकि मृत्युदर भी सबसे कम है। जहां भारत में 1 मिलियन में 83 लोगों की मृत्यु हुई है, वहीं कुछ देशों में यह आंकड़ा 1 मिलियन में 600 तक है।

हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि हम अपनी तरफ से कोई लापरवाही बरतें बल्कि हमें और भी सतर्क होकर कोविड के नियमों का पालन करना होगा।

सरकार पूरी तरह से प्रयासरत है कि वैक्सीन के लॉन्च होते ही उसे देश के हर कोने में जल्द से जल्द पहुंचाया जाये लेकिन तब तक हमें सतर्क, सावधान और सचेत रहना होगा।

नियमित तौर पर साबुन से हाथ धोएं, सैनेटाइजर का इस्तेमाल करें, दो गज की दूरी बनाये रखें, मास्क पहनें और बिना जरुरत बाहर जाने से परहेज करें।