कोरोनावायरस : सबसे बड़ी एक दिन की तेजी के बाद फिसला कच्चा तेल

कोरोनावायरस के चलते अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में लगातार दो दिनों की तेजी के बाद शुक्रवार को फिर गिरावट आ गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर पिछले सत्र में कच्चे तेल के दाम में सबसे बड़ी एक दिनी तेजी आई थी।

Written by: April 3, 2020 1:28 pm

नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में लगातार दो दिनों की तेजी के बाद शुक्रवार को फिर गिरावट आ गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर पिछले सत्र में कच्चे तेल के दाम में सबसे बड़ी एक दिनी तेजी आई थी। बेंचमार्क कच्चा तेल बीते सत्र में 36 डॉलर प्रति बैरल के उपर चला गया था जोकि 13 मार्च के बाद का सबसे उंचा स्तर है।

crude oil

ट्रंप ने तेल के उत्पादन में कटौती को लेकर रूस और सउदी के बीच समझौता कराने की पहल करने की बात कही थी जिसके बाद अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में जबरदस्त उछाल आया। ब्रेंट कड्रू का जून अनुबंध गुरुवार को 21 फीसदी की तेजी के साथ 29.94 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जोकि सबसे बड़ी एक दिनी तेजी हैं, जबकि बीते सत्र में ब्रेंट क्रूड का उपरी स्तर 36.29 डॉलर प्रति बैरल रहा।


वहीं, अमेरिकी लाइट क्रूड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) का मई अनुबंध बीते सत्र में 24.67 फीसदी की तेजी के साथ 25.32 डॉलर पर बंद हुआ जबकि कारोबार के दौरान 27.39 डॉलर तक उछला जोकि 20 मार्च के बाद का सबसे उंचा स्तर है। बाजार के जानकारों ने बताया कि ट्रंप ने कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती को लेकर सउदी और रूस से बात करने का जिक्र अपने बयान में किया है लेकिन उन्होंने खुद अमेरिका में कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती को लेकर कुछ नहीं कहा है, इससे तेल बाजार को रूस और सउदी के बीच उत्पादन कटौती को लेकर समझौता होने पर संदेह को है। यही कारण है कि तेल के दाम में फिर नरमी का रूख देखने को मिल रहा है।


अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर ब्रेंट क्रूड के जून सौदे में शुक्रवार को पिछले सत्र से 2.27 फीसदी की गिरावट के साथ 29.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था। वहीं, न्यूयार्क मार्के टाइल एक्सचेंज (नायमैक्स) पर डब्ल्यूटीआई के मई अनुबंध में पिछले सत्र से 3.99 फीसदी की गिरावट के साथ 24.31 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था।

बता दें कि दुनियाभर में कोरोनावायरस के प्रकोप को लेकर आर्थिक गतिविधिया चरमरा गई हैं जिसके कारण कच्चे तेल की मांग में भारी गिरावट आई है। वहीं, बाजार में मांग और आपूर्ति में संतुलन बनाने के लिए तेल निर्यात देशों का संगठन ओपेक और रूस के बीच बीते महीने सहमति नहीं होने पर ओपेक का प्रमुख उत्पादक सउदी ने तेल का दाम घटाकर कीमत जंग छेड़ दी थी। कमजोर मांग और कीमत जंग के कारण बीते 18 मार्च को ब्रेंट क्रूड का भाव टूटकर 24.52 डॉलर जबकि डब्ल्यूटीआई का भाव 20.06 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया था।