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बिजनेस

Tata: टाटा समूह एयर इंडिया लिमिटेड अपने चार एयरलाइंस ब्रांड का करेगा विलय, 20 से 25 प्रतिशत रहेगी हिस्सेदारी

Tata: इसी कतार में टाटा विस्तारा ब्रांड को भी खत्म कर सकती है जिसके लिए वह साझीदार सिंगापुर एयरलाइंस से बात-चीत कर रही है। टाटा के इस कदम से एयर इंडिया देश के विमानों की संख्या और मार्केट शेयर के लिहाज से दूसरी बड़ी एयरलाइंस बन जाएगी। 

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नई दिल्ली। टाटा समूह एयर इंडिया लिमिटेड में अपने चार एयरलाइंस ब्रांड को विलय करने का सोच रही है। जिससे एविएशन सेक्टर में वो अपना बड़ा साम्राज्य स्थापित कर सके। इसी कतार में टाटा विस्तारा ब्रांड को भी खत्म कर सकती है जिसके लिए वह साझीदार सिंगापुर एयरलाइंस से बात-चीत कर रही है। टाटा के इस कदम से एयर इंडिया देश के विमानों की संख्या और मार्केट शेयर के लिहाज से दूसरी बड़ी एयरलाइंस बन जाएगी।

एयरलाइंस अब टाटा में विलय

बीते दिन एयर इंडिया को खरीदने की रेस में टाटा समूह आगे है। जिसके बाद टाटा ने जनवरी में भारत सरकार से एयर इंडिया को अपने अधिग्रहण में ले लिया था। इसके बाद एयर इंडिया के अधिग्रहण से पहले टाटा के पास विस्तारा और एयर एशिया नाम से दो एयर लाइंस ब्रांड ऑपरेट किए थे। इसके बाद इससे दो ब्रांड और जुड़ गए जो कि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस में मिलने जा रही है। यानि अब टाटा केवल एयर इंडिया ब्रांड के नाम से सभी एयरलाइंस को ऑपरेट करेगी।

एयर इंडिया लिमिटेड में 20 से 25 प्रतिशत हिस्सेदारी

विस्तारा ब्रांड को अब टाटा नष्ट कर सकती है और विस्तारा एयरलाइंस में टाटा की विदेशी पार्टनर सिंगापुर एयरलाइंस को एयर इंडिया लिमिटेड में 20 से 25 प्रतिशत हिस्सेदारी दी जा सकती है। साथ ही विस्तारा के कुछ बोर्ड सदस्यों को एयर इंडिया के बोर्ड में स्थान मिल सकता है। फिलहाल सिंगापुर एयरलाइंस की टाटा सिंगापुर में केवल 49 प्रतिशत ही पार्टनरशिप ही है। आने वाले दिनों में एयर इंडिया अपने विमानों की फ्लीट संख्या बढ़ाने का फैसला लेने वाली है। 300 विमानों का टाटा ऑर्डर जारी कर सकती है जो कमर्शियल एविएशन के इतिहास में सबसे बड़ा ऑर्डर होगा। साथ ही एयर इंडिया एक अरब डॉलर का फंड जुटाने में लगी हुई है।

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