Connect with us

Education

कोरना काल में शिक्षा मंत्रालय ने दी छात्रों को बड़ी राहत, JEE मेंस और NEET परीक्षा में दी ये छूट

जेईई और नीट परीक्षा का पाठ्यक्रम वर्ष 2021 (JEE and NEET syllabus year 2021) में अपरिवर्तित रहेगा। उम्मीदवारों के पास जेईई और नीट परीक्षाओं में प्रश्नों के उत्तर देने के लिए विकल्प भी उपलब्ध होंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को आधिकारिक जानकारी दी।

Published

Nishank Pokhariyal HRD

नई दिल्ली। जेईई और नीट परीक्षा का पाठ्यक्रम वर्ष 2021 में अपरिवर्तित रहेगा। उम्मीदवारों के पास जेईई और नीट परीक्षाओं में प्रश्नों के उत्तर देने के लिए विकल्प भी उपलब्ध होंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को एक आधिकारिक जानकारी देते हुए कहा, “जेईई मेन के लिए भी पाठ्यक्रम पिछले वर्ष की तरह ही रहेगा। छात्रों को 90 प्रश्न दिए जाएंगे। इनमें से 75 प्रश्न हल करने होंगे। भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित में प्रत्येक 25 प्रश्न हल करने होंगे। छात्रों के पास विकल्प होंगे और छात्रों को भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित में 30 प्रश्न होंगे। जेईई 2020 में, सभी प्रश्नों के 75 उत्तर देने थे, जिसमें उम्मीदवारों को भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित में प्रत्येक 25 प्रश्नों का उत्तर देना था।”

Education Shiksha Exam

नीट 2021 के लिए सटीक पैटर्न की घोषणा होना बाकी है। हालांकि, देश भर के कुछ बोर्डो द्वारा सिलेबस में कमी के मद्देनजर नीट 2021 के प्रश्न पत्र में भी जेईई की तर्ज पर विकल्प होंगे। विभिन्न बोर्ड द्वारा पाठ्यक्रम में की गई कटौती को ध्यान में रखते हुए इस बार जेईई (मुख्य) के प्रश्नपत्रों में प्रश्न पूछे जाएंगे। भौतिकी, रसायन और गणित में प्रत्येक से 30 प्रश्न होंगे। जिसमें से परीक्षार्थी को कुल 75 प्रश्नों का उत्तर देना होगा। 15 वैकल्पिक प्रश्नों में नेगेटिव मार्किं ग भी नहीं होगी।

जेईई (मेन) 2021 केवल, ‘कंप्यूटर आधारित टेस्ट’ (सीबीटी) मोड में आयोजित की जाएगी। केवल बी आर्क की ड्राइंग परीक्षा ‘पेन एंड पेपर’ (ऑफलाइन) मोड में आयोजित की जाएगी। नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखकर, वर्ष 2021 में जेईई (मेन) परीक्षा पहली बार हिंदी, अंग्रेजी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू भाषा में आयोजित की जाएगी।

Exams

इस बार उत्तर प्रदेश के छात्र, जो पहले यूपीएसईई के माध्यम से इंजीनियरिंग एवं आर्किटेक्चर के पाठ्यक्रमों में उत्तर प्रदेश के संस्थानों में प्रवेश लिया करते थे, भी जेईई की परीक्षा में बैठ सकेंगे।

उधर, शिक्षा मंत्रालय ने शैक्षणिक वर्ष 2021-2022 के लिए 75 फीसदी अंकों (12वीं कक्षा में) का एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया खत्म कर दिया है। कोरोनावायरस महामारी के चलते छात्रों को आने वाले शैक्षणिक वर्ष में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए सरकार ने ये फैसला लिया है। बता दें कि JEE Main के परिणामों के तहत की NIT, IIT, SPA और अन्य CFTI संस्थानों में प्रवेश मिलता है।

Advertisement
Advertisement
Advertisement