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Education : अब भारत में मिलेगी ऑक्सफोर्ड, येल और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की डिग्री, PM मोदी के इस बड़े कदम से बदल जाएगी भारतीय शिक्षा पद्धति

Education : मोदी सरकार ने भारत में विदेशी यूनिवर्सिटी की एंट्री के लिए नियमों में बड़ा परिवर्तन करने का फैसला लिया है। मोदी सरकार का जोर भारतीय छात्रों को सस्ते दाम में विदेशी यूनिवर्सिटीज की उच्च शिक्षा देने पर है।

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नई दिल्ली। अगर आप भी विदेश जाकर ऑक्सफ़ोर्ड, स्टैनफोर्ड और येल जैसे बड़े शिक्षण संस्थानों में शिक्षा गृहण करना चाहते हैं तो के खबर आपके लिए ही है। दरअसल, अब भारत में रहकर भी येल, ऑक्सफोर्ड और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने का मौका मिल सकता है। मोदी सरकार ने देश में इन विदेशी यूनीवर्सिटी के कैंपस खोलने और डिग्री देने को अनुमति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने गुरुवार (05 जनवरी) को सार्वजनिक प्रतिक्रिया के लिए एक ड्रॉफ्ट पेश किया है।

आपको बता दें कि यह ड्रॉफ्ट देश में पहली बार विदेशी शैक्षिक संस्थानों की एंट्री और उसके संचालन का रास्ता तैयार करेगा। ड्रॉफ्ट के मुताबिक, विदेशी विश्वविद्यालयों के स्थानीय कैंपस ही घरेलू और विदेशी छात्रों के प्रवेश के लिए नियम, फीस और छात्रवृत्ति पर फैसला करेंगे। इतना ही नहीं इन संस्थानों को फैकल्टी और स्टाफ की भर्ती करने की पूरी छूट प्रदान की जाएगी।

भारतीय युवाओं को उच्च शिक्षा देने पर जोर

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मोदी सरकार ने भारत में विदेशी यूनिवर्सिटी की एंट्री के लिए नियमों में बड़ा परिवर्तन करने का फैसला लिया है। मोदी सरकार का जोर भारतीय छात्रों को सस्ते दाम में विदेशी यूनिवर्सिटीज की उच्च शिक्षा देने पर है। केंद्र सरकार की नई पहल से देश में ही युवाओं को भी विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ने का अवसर दिया जाएगा।

वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने कैंपस खोलने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अंतिम मसौदे को कानून बनने से पहले मंजूरी के लिए संसद में पेश किया जाएगा। यूजीसी के अध्यक्ष प्रो. एम. जगदीश कुमार ने बताया कि शुरुआत में 10 साल के लिए कैंपस स्थापित करने की मंजूरी दी जाएगी और उसके बाद इसे बढ़ाया जाएगा। जब किसी विदेशी संस्थान को कैंपस शुरू करने की मंजूरी मिल जाएगी तो इस मंजूरी मिलने के दो साल के अंदर भारत में कैंपस बनाना आवश्यक होगा।

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