‘तारक मेहता का उल्‍टा चश्‍मा’ के कलाकारों को मनसे ने दी धमकी, मेकर्स को मांगनी पड़ी माफी

मुंबई की भाषा हिन्दी कहने पर आपत्ति जताते हुए शो का राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना(मनसे) ने विरोध किया है।

Avatar Written by: March 4, 2020 2:54 pm

नई दिल्ली। सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन के तहत सब टीवी पर प्रसारित होनेवाले पॉपुलर टीवी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ को लेकर विवाद हो गया है। शो के एक एपिसोड में भाषा को लेकर बवाल मचा हुआ है। मुंबई की भाषा हिन्दी कहने पर आपत्ति जताते हुए शो का राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना(मनसे) ने विरोध किया है। एमएनएस ने शो के प्रोड्यूसर और डायलॉग बोलने वाले ‘चंपक चाचा’ यानि अमित भट से माफी मांगने की मांग की।

Amit Bhat Tarak Mehta kA ulta Chasma

महाराष्‍ट्र नवनिर्माण फिल्‍म स्‍टाफ के चेयरमैन अमेया खोपकर ने कहा कि शो के मेकर्स को अच्छी तरह से पता है कि मुंबई में सबसे ज्‍यादा मराठी बोली जाती है। इसके बाद भी उन्‍होंने इस तरह का प्रॉपेगैंडा प्रसारित किया।


शो के मेकर्स को ‘गुजराती कीड़े’ बताते हुए अमेया ने आगे कहा कि कम से कम शो में काम कर रहे महाराष्‍ट्रियन कलाकारों को शर्म आनी चाहिए। खोपकर ने उन्‍हें सबक सिखाने की भी धमकी दी।


ट्विटर पर एमएनएस की जनरल सेक्रटरी शालिनी ठाकरे ने कहा, ‘अगर सब टीवी इस बात को स्‍वीकार नहीं करता है कि मुंबई की कॉमन लैंग्‍वेज हिंदी नहीं, मराठी है तो महाराष्‍ट्र के योद्धाओं सुविचार उनके कानों में लिखना होगा। वह भी मराठी में।’

Amit Bhat Tarak Mehta kA ulta Chasma

एक एपिसोड में ‘चंपक चाचा’ ने डायलॉग बोला था कि मुंबई की भाषा हिन्दी है। वीडियो वायरल होते ही एमएनएस ने धमकी दी कि अगर शो के निर्माता और कलाकार शो के माध्यम से सभी मराठी जनता से माफी नहीं मांगते हैं तो वो शो की शूटिंग होने नहीं देंगे।

विडियो में शो का एक कैरक्‍टर कहता है, ‘हमारी गोकुलधाम मुंबई में है और मुंबई की कॉमन लैंग्‍वेज हिंदी है। ऐसे में हम सुविचार हिंदी में लिखते हैं। अगर हमारी सोसायटी चेन्‍नै में होती है तो हम तमिल में लिखते।’


अब शो के मेकर असित मोदी ने सोशल मीडिया पर इस मसले को लेकर सफाई दी है। असित मोदी ने ट्वीट कर लिखा, ‘मुंबई महाराष्ट्र में हैं और हमारे महाराष्ट्र की राजभाषा मराठी ही है। इसमें कोई दो राय नहीं है। मैं भारतीय हूं। महाराष्ट्रियन हूं और गुजराती भी हूं। सारी भारतीय भाषाओं का सम्मान करता हूं। जय हिंद।’

Support Newsroompost
Support Newsroompost