16 फरवरी को रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे अरविंद केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में अरविंद केजरीवाल रविवार को शपथ ले सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक इस बार केजरीवाल 16 फरवरी को तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। पिछली बार की तरह इस बार भी दिल्ली के रामलीला ग्राउंड में ही शपथ ग्रहण समारोह होगा, जहां केजरीवाल के साथ-साथ उनके मंत्री भी शपथ लेंगे।

Written by: February 12, 2020 10:00 am

नई दिल्ली।अरविंद केजरीवाल 16 फरवरी (रविवार) को तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। दिल्ली सरकार का शपथ ग्रहण कार्यक्रम रामलीला मैदान में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान अरविंद केजरीवाल के साथ उनके मंत्रिमंडल सहयोगियों को भी शपथ दिलाई जाएगी। केजरीवाल ने सरकार गठन के विषय पर आज बुधवार सुबह दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल से मुलाकात की है।

Arvind Kejriwal

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया आज दोपहर एक बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। मनीष सिसोदिया इस दौरान शपथ की तारीख, समय के बारे में जानकारी देंगे। अरविंद केजरीवाल इससे पहले साल 2013 और 2015 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। पिछली बार भी अरविंद केजरीवाल ने रामलीला मैदान से ही मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस बार भी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को एक सार्वजनिक आयोजन का रूप देने का निर्णय लिया है।

Arvind Kejriwal

बुधवार सुबह करीब 11 बजे अरविंद केजरीवाल सरकार गठन के विषय पर बातचीत के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल के सरकारी आवास ‘राज निवास’ पर पहुंचे। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी अपने 62 निर्वाचित विधायकों के साथ भी सरकार गठन को लेकर एक अहम बैठक कर रही है। आम आदमी पार्टी विधायक दल में लिए गए निर्णय व उपराज्यपाल से सरकार गठन पर हुई चर्चा को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया बुधवार दोपहर जानकारी देंगे।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र भीकू राम जैन ने कहा, “आम आदमी पार्टी हमेशा की तरह इस बार भी सादगी और जन सुविधा को प्राथमिकता देगी और इन्हीं प्राथमिकताओं के आधार पर शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा।”

गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में बंपर जीत हासिल की है। आम आदमी पार्टी को 70 में से 62 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल हुई है। पिछली विधानसभा में आम आदमी पार्टी 70 में से 67 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इस बार 8 विधानसभा सीटें जीती है। पिछली विधानसभा में भाजपा के चार विधायक थे। कांग्रेस पार्टी पिछली बार की तरह इस बार भी अपना खाता खोलने में नाकाम रही। कांग्रेस का कोई उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सका। इसके साथ ही कांग्रेस को मिलने वाले वोटों के प्रतिशत में भी भारी कमी दर्ज की गई है।