भाजपा में बड़ा फेरबदल, इन तीन राज्यों के बदले प्रदेश अध्यक्ष

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के पदभार ग्रहण करने के साथ ही तेजी से राज्यों में भी प्रदेश अध्यक्षों के चयन का काम शुरू हो गया है। इसी कड़ी में नड्डा ने शनिवार को तीन प्रदेशों में अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी।

Written by: February 15, 2020 2:04 pm

नई दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के पदभार ग्रहण करने के साथ ही तेजी से राज्यों में भी प्रदेश अध्यक्षों के चयन का काम शुरू हो गया है। इसी कड़ी में नड्डा ने शनिवार को तीन प्रदेशों में अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी। भाजपा की तरफ से जारी बयान के अनुसार, मध्य प्रदेश भाजपा के नए अध्यक्ष खजुराहो के सांसद विष्णु दत्त शर्मा को बनाया गया है, जबकि केरल भाजपा का अध्यक्ष के सुरेन्द्रन को बनाया गया है। वहीं सिक्किम में दल बहादुर चौहान को फिर से प्रदेश भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया गया है।

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सबसे चौंकाने वाला फैसला मध्यप्रदेश को लेकर किया गया है, जहां राकेश सिंह की जगह पर खजुराहो के सांसद विष्णुदत्त शर्मा को भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। शर्मा मूलत: मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के निवासी हैं। उन्हें वीडी शर्मा के नाम से भी जाना जाता है। वह 32 वर्षों से लगातार सक्रिय राजनीति में है।

MP BJP President V D Sharma

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से राजनीति शुरू करने के बाद विष्णुदत्त शर्मा को संगठन में अनेक पद मिले। मौजूदा समय में वह पार्टी के प्रदेश महामंत्री हैं। प्रदेश की राजनीति में उन्हें बड़ा चेहरा माना जाता है। संघ से भी उनका जुड़ाव रहा है। विष्णुदत्त शर्मा के बारे में बताया जाता है कि वह संघ और भाजपा संगठन से जुड़े जमीनी नेता हैं। विष्णुदत्त शर्मा 1987 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए। 1995 से उन्होंने पूर्ण रूप से राजनीति में कदम रखा। इससे पहले 1993 से 1994 तक वह मध्यप्रदेश में सचिव रहे।

विष्णुदत्त शर्मा 2001 से 2007 तक मध्यप्रदेश एबीवीपी राज्य संगठन सचिव रहे। इस दौरान विष्णुदत्त शर्मा एबीवीपी के राष्ट्रीय सचिव भी रहे। वह 2007 से 2017 तक मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय संगठन सचिव रहे। 2007 से 2009 तक विष्णुदत्त शर्मा एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव भी रहे। सिक्किम में एक बार फिर दल बहादुर चौहान को भाजपा अध्यक्ष बनाया गया है। दल बहादुर को सिक्किम भाजपा में सबसे बड़ा नाम माना जाता है।

वहीं केंद्र में मुरलीधरन के मंत्री बनने के बाद भाजपा केरल में एक ऐसे नेता की तलाश में थी, जिनकी राज्य में पहचान हो। के. सुरेन्द्रन संघ से जुड़े रहे हैं और उनकी पहचान एक फायरब्रांड नेता की रही है।