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NEET UG: केरल में नीट परीक्षा देने आई छात्राओं से उतरवायी थी ब्रा, पुलिस ने लिया बड़ा एक्शन

NEET UG: इस घटना के विरोध में विभिन्न युवा संगठनों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था, तो वहीं, दूसरी ओर केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी घटना की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

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नई दिल्ली। केरल पुलिस ने NEET परीक्षा के दौरान छात्राओं से अंडरगारमेंट्स उतरवाने के कथित मामले में केस दर्ज कर लिया है। बता दें कि 17 जुलाई, 2022 के दिन देशभर में मेडिकल के पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा यानि नीट यूजी की परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें 18 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे। केरल पुलिस ने इस मामले को आईपीसी की धारा 354 और धारा 509 के तहत दर्ज किया गया है। मामले पर कोल्लम में नीट परीक्षा केंद्र अधीक्षक ने सफाई देते हुए कहा कि ‘ये शिकायत मनगढ़ंत है और गलत इरादे से दर्ज कराई गई है। इस विवाद पर परीक्षा की आयोजक राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी/NTA का भी बयान सामने आ चुका है। एनटीए के अनुसार, केंद्र अधीक्षक और स्वतंत्र पर्यवेक्षक के साथ-साथ कोल्लम जिले के शहर समन्वयक ने बताया कि उन्हें नीट परीक्षा केंद्र (मार थोमा सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, कोल्लम), जहां छात्रा ने परीक्षा दी थी, में इस तरह की किसी घटना की सूचना नहीं मिली है। एनटीए ने आगे बताया कि परीक्षा के दौरान या उसके तुरंत बाद भी किसी की ओर से इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। इसके अलावा एनटीए ने कहा कि ‘नीट के लिए एनटीए के ड्रेस कोड की बात है तो ये उम्मीदवार के माता-पिता द्वारा आरोपित ऐसी किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं देता है।’

इस घटना के विरोध में विभिन्न युवा संगठनों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था, तो वहीं, दूसरी ओर केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी घटना की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके अलावा, कोल्लम ग्रामीण एसपी को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, परीक्षा केंद्र संचालकों का कहना है कि बाहरी जांच एजेंसी द्वारा परीक्षा देने पहुंची छात्राओं की ब्रा उतरवाने का कारण उसके मेटल हुक हैं, जो मेटल डिटेक्टर के संपर्क में आने पर बीप करने लगते हैं। गौरतलब है कि, ये मामला सोमवार को उस समय सामने आया, जब एक 17 वर्षीय छात्रा के पिता ने मीडिया  को बताया कि उनकी बेटी रविवार को आयोजित होने वाली नीट पीजी परीक्षा में पहली बार शामिल होने गई थी।

वहां उसे 3 घंटे तक बिना इनरवियर के बैठना पड़ा था। वो अब तक उस दर्दनाक अनुभव से बाहर नहीं निकल पाई है। छात्रा के पिता के अनुसार, उनकी बेटी ने नीट बुलेटिन में उल्लिखित ड्रेस कोड के अनुसार ही कपड़े पहने थे, जिसमें इनरवियर के विषय में कुछ नहीं कहा गया था। खबरों के अनुसार, ये एक घटना केवल एक के साथ नहीं बल्कि, सैकड़ों छात्राओं के साथ हुई है।

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