
नई दिल्ली। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हिंदू संगठनों को हावड़ा में पारंपरिक मार्ग पर रामनवमी रैली निकालने की सशर्त अनुमति दे दी है। विश्व हिंदू परिषद, अंजनी पुत्र सेना और दुर्गा वाहिनी द्वारा रामनवमी पर 6 अप्रैल को रैली निकाली जानी है। पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए रैली की परमीशन देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद हिंदू संगठनों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जहां से उनकी अर्जी स्वीकार हो गई। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पुलिस सुरक्षा के साथ दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे के बीच रैली निकालने की अनुमति है और इसमें अधिकतम 500 लोग शामिल हो सकते हैं।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि रैली में किसी भी प्रकार के हथियारों का इस्तेमाल ना हो, साथ ही बाइक रैली ना निकाली जाए और डीजे भी ना बजाया जाए। दरअसल हावड़ा पुलिस ने रैली के पारम्परिक मार्ग के बजाए इस बार नए मार्ग से यात्रा निकालने का सुझाव दिया था जो हिंदू संगठनों को पसंद नहीं आया। उन्होंने पारंपरिक मार्ग से ही यात्रा निकालने की मांग की। वहीं हिंदू संगठनों का कहना है कि लगातार दूसरी बार प्रशासन रामनवमी जुलूस पर रोक लगाई है। ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए हिंदू संगठनों का कहना है कि सीएम को जय श्री राम के नारे से समस्या है।
इससे पहले ममता बनर्जी ने शांति के साथ रामनवमी पर्व मनाने की अपील की थी। गौरतलब है कि साल 2022 में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हावड़ा के शिवपुर इलाके में विश्व हिंदू परिषद द्वारा निकाली गई रैली पर पथराव किया गया था। इस घटना में कई लोग घायल हुए थे। इसको लेकर पश्चिम बंगाल की तृणमूल सरकार हिंदू संगठनों के निशाने पर आ गई थी। उधर, बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि रामनवमी के दिन नंदीग्राम में वो भव्य राम मंदिर की आधारशिला रखेंगे।