सीएम योगी ने दी छठ पर्व की शुभकामनाएं, साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर की ये अपील

Corona UP: गुरुवार को सीएम योगी(CM Yogi) उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश में अनलॉक(Unlock) व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छठ पर्व को देखते हुए पूरी सावधानी बरती जाए।

Avatar Written by: November 19, 2020 8:10 pm
Yogi Sarkar

लखनऊ। छठ पर्व मौके पर उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इसके साथ सीएम योगी ने अपील करते हुए कहा कि, छठ पर्व के समस्त अनुष्ठानों में कोविड-19 के प्रोटोकाॅल और सोशल डिस्टेसिंग का पूरी तरह से पालन किया जाय। गुरुवार को जारी किए गए एक सन्देश में मुख्यमंत्री ने कहा कि छठ पर्व लोक आस्था का एक प्रमुख पर्व है। इस पर्व में आत्मिक शुद्धि और निर्मल मन से अस्ताचल और उदीयमान भगवान सूर्य की उपासना की जाती है। हमारे देश में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की समृद्ध परम्परा व संस्कृति है। प्रकृति के साथ मानव के जुड़ाव का सन्देश देने वाला छठ पर्व इसी समृद्ध परम्परा का जीवन्त उदाहरण है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी ने छठ पर्व के समस्त अनुष्ठानों में कोविड-19 के प्रोटोकाॅल तथा सोशल डिस्टेसिंग का पूर्ण पालन करने की अपील की है।

Devotees perform the rituals during the Chhath Puja festival at River Gomti
फाइल फोटो

वहीं गुरुवार को सीएम योगी उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छठ पर्व को देखते हुए पूरी सावधानी बरती जाए। उन्होंने पर्व के दौरान घाटों पर साफ-सफाई की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कोरोना को लेकर सीएम योगी ने निर्देश दिया कि राज्य में प्रतिदिन आरटीपीसीआर विधि से 65 से 75 हजार टेस्ट तथा रैपिड एन्टीजन विधि से 90 हजार से 01 लाख 10 हजार टेस्ट किए जाएं।

yogi

वहीं कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की व्यवस्था को आगे भी प्रभावी बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं। बता दें कि कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग व्यवस्था को लेकर WHO भी योगी सरकार की तारीफ कर चुका है। वहीं सीएम योगी ने कहा कि, प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रतिदिन सुबह कोविड अस्पताल में तथा शाम को इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर में नियमित तौर पर समीक्षा बैठक सम्पन्न की जाए।

सीएम योगी ने कहा कि, कोविड-19 की जब तक कोई कारगर दवा अथवा वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक इस महामारी से बचाव ही उपचार है। इसे ध्यान में रखते हुए लोगों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के बारे में निरन्तर जागरूक किया जाए। इसके लिए विभिन्न प्रचार माध्यमों के साथ-साथ पब्लिक एड्रेस सिस्टम के द्वारा लोगों को जानकारी दी जाए। सभी कोविड चिकित्सालयों तथा मेडिकल कॉलेजों में उपचार की व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त रखा जाए। इन अस्पतालों में बेड्स की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए। उन्होंने चिकित्सालयों में उपलब्ध संसाधनों की नियमित समीक्षा किए जाने के निर्देश भी दिए हैं।

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