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Farooq Abdullah: “मुबारक हो.. लेकिन राम सिर्फ हिंदुओं के नहीं बल्कि..राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले बोले फारुक अब्दुल्ला, जानिए क्या कहा?

Farooq Abdullah: जानकारी के लिए आपको बता दें कि फारुक अब्दुल्ला ने कहा, ‘भाईचारे का धीरे-धीरे कम होना चिंता का विषय है।’ न्यूज एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा, ”जिन लोगों ने राम मंदिर निर्माण की दिशा में काम किया है, उन्हें बधाई देना जरूरी है और अब जब यह बनकर तैयार हो गया है तो मैं बधाई देता हूं. भगवान राम सिर्फ हिंदुओं के भगवान नहीं हैं। वह पूरी दुनिया के है।”

नई दिल्ली। भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या पूरी तरह से सज चुकी है। आज अयोध्या एयरपोर्ट का पीएम मोदी उद्घाटन करने वाले हैं। 22 जनवरी को राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम है। जिसमें देश भर की तमाम बड़ी हस्तियां और साधु संत शामिल होंगे। इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी खूब हो रही है। हाल ही में मीडिया से बातचीत करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने मंदिर के उद्घाटन पर बधाई दी है। महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भगवान राम सिर्फ हिंदुओं के देवता नहीं हैं बल्कि पूरी दुनिया के देवता हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अब्दुल्ला ने भाईचारे का संदेश दिया।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि फारुक अब्दुल्ला ने कहा, ‘भाईचारे का धीरे-धीरे कम होना चिंता का विषय है।’ न्यूज एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा, ”जिन लोगों ने राम मंदिर निर्माण की दिशा में काम किया है, उन्हें बधाई देना जरूरी है और अब जब यह बनकर तैयार हो गया है तो मैं बधाई देता हूं. भगवान राम सिर्फ हिंदुओं के भगवान नहीं हैं। वह पूरी दुनिया के है।” अब्दुल्ला ने टिप्पणी की कि भगवान राम भाईचारे, प्रेम और पारस्परिक सहायता की बात करते थे, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने कभी भी धर्म या जाति के आधार पर किसी को नीचा दिखाने के विचार की वकालत नहीं की। अब्दुल्ला के अनुसार, भगवान राम का संदेश धर्म और भाषा की सीमाओं से परे सार्वभौमिक है।

आपको बता दें कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी घटनाओं और जवानों के बलिदान को लेकर बात करते हुए फारुक अब्दुल्ला ने एक बार फिर पाकिस्तान से बातचीत की सलाह दी। उन्होंने दोनों देशों को परमाणु शक्ति संपन्न मानते हुए पड़ोसियों के साथ दोस्ती और संचार के महत्व पर जोर दिया। अब्दुल्ला ने आतंकवाद की निंदा करते हुए दोहराया कि धर्म कभी भी आतंकवाद पर प्रतिबंध नहीं लगाता है। गौरतलब है कि तीन दिन पहले ही अब्दुल्ला ने चेतावनी दी थी कि अगर आतंकवाद पर पाकिस्तान के साथ बातचीत नहीं हुई तो कश्मीर में हालात खराब हो सकते हैं और इसकी तुलना गाजा से की जा सकती है।