
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने देश की राजधानी को दंगों की आग में झोंकने की साजिश का पर्दाफाश किया है। वहीं, जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती के मौके पर 16 अप्रैल को हुए दंगे के सिलसिले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब गिरफ्तार लोगों की संख्या 37 हो गई है। इनमें 3 नाबालिग हैं। जहांगीरपुरी दंगों की जांच कर रही क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक दंगाइयों का इरादा उत्तरी दिल्ली के सदर बाजार में भी दंगा करने की थी। इसके लिए भीड़ भी इकट्ठा कर ली गई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभाल लिया था। जिससे इनकी साजिश धरी की धरी रह गई।
क्राइम ब्रांच सूत्रों के मुताबिक सदर बाजार में दंगा करने की साजिश भी जहांगीरपुरी दंगों के मुख्य आरोपी तबरेज आलम ने रची थी। वो कांग्रेस का नेता है और दिल्ली नगर निगम का चुनाव लड़ना चाहता था। वो जहांगीरपुरी दंगों के आरोपी अंसार के साथ लोगों को लगातार भड़काने का काम करता था। बता दें कि तबरेज ने जहांगीरपुरी दंगों के बाद पुलिस को चकमा देने के लिए शांति कमेटी बनाई थी और लोगों को पुलिस के सामने वो आपस में मिलकर रहने की सलाह भी दे रहा था, लेकिन पुलिस को उसकी हकीकत पता चल गई थी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जहांगीरपुरी दंगों के एक आरोपी के पिता की सदर बाजार इलाके में मौत हो गई थी। इस मौत का ठीकरा दूसरे पक्ष पर मढ़ने की कोशिश की जा रही थी। तबरेज ने वहां इस मामले को उछालकर करीब 500 लोगों को जमा कर लिया था। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची थी और लोगों को तितर-बितर कर दिया था। पुलिस अब ये जांच कर रही है कि तबरेज और अंसार ने अपने साथियों के साथ दिल्ली में और किन-किन जगह दंगे की साजिश रची थी।