दिल्ली में अस्पताल की लापरवाही से एक व्यक्ति की गई जान, कोरोना के डर से नहीं किया भर्ती

कोरोना संकट के लगातार बढ़ते मामलों और दिल्ली सरकार की ओर से कोरोना रोगियों के लिए बेड की उपलब्धता के बारे में लंबे दावे करना वास्तविकता से परे है।

Written by: June 5, 2020 4:26 pm

नई दिल्ली। कोरोना संकट के लगातार बढ़ते मामलों और दिल्ली सरकार की ओर से कोरोना रोगियों के लिए बेड की उपलब्धता के बारे में लंबे दावे करना वास्तविकता से परे है। ऐसे ही संकट का सामना एक परिवार को करना पड़ा, लेकिन वह अपने प्रियजन को नहीं बचा सका।

राजधानी में मरीजों की बढ़ती संख्या और कम बेड की वजह से होम क्वारनटीन ही समाधान है, जिसे सरकार भी मान रही है, लेकिन कुछ मामले ऐसे भी होते हैं जहां अस्पताल में भर्ती कराना अनिवार्य हो जाता है।

हेल्पलाइन से नहीं मिला जवाब

हालांकि पिछले कुछ दिनों में कई ऐसी घटनाएं घटीं, जहां लोगों को राजधानी के किसी भी अस्पताल में रिजर्व बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण जान गंवानी पड़ी। हाल ही में, दिल्ली के ग्रेटर कैलाश के एक 67 वर्षीय कोरोना मरीज को दिल्ली के अस्पताल की लापरवाही का शिकार होना पड़ा।

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शाहदरा के रवि अग्रवाल अस्पताल के बाहर तड़प रहे थे। गुरुवार रात उन्हें अस्पताल में सांस की तकलीफ के बाद अस्पताल लाया गया, लेकिन जीटीबी अस्पताल ने उन्हें बाहर ही तड़पते हुए छोड़ दिया। परिजनों ने अस्पताल पर आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल के डॉक्टरों का कहना था कि टेस्ट रिपोर्ट दिखाइये, तभी एडमिट करेंगे।

परिजन एडमिट कराने को लेकर जगह जगह फोन घुमाते रहे जिसके बाद उन्हें काफी देर बाद अस्पताल में भर्ती किया गया, लेकिन भर्ती होने के कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। उन्हें कोरोना का संदिग्ध मरीज कहा जा रहा था। हालांकि परिजन उन्हें राजीव गांधी भी लेकर गए थे। लेकिन कोई अस्पताल भर्ती करना तो दूर बात करने को भी तैयार नही था। जिसके बाद उन्हें जीटीबी अस्पताल लाया गया था जहां इलाज के लिए भटकते हुए आखिरकार उनकी मौत हो गई।

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दिल्ली में गुरुवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1,359 नए मामले सामने आए, जिसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमितों का आंकड़ा 25 हजार के पार चला गया। दिल्ली में अब तक एक ही दिन में सबसे अधिक 1,513 संक्रमण के मामले तीन जून को सामने आए थे। एक बुलेटिन के मुताबिक, कोविड-19 के मृतकों की संख्या 650 तक पहुंच गई जबकि संक्रमितों की कुल संख्या 25,004 हो गई। इसके मुताबिक, तीन जून को 44 मौत दर्ज की गईं जबकि दो जून को 17 मरीजों की मौत हुई थी। बुधवार को दिल्ली में कोविड-19 के 23,645 मामले थे जबकि मृतकों की संख्या 606 थी।