दिल्ली चुनाव में सपा देने को है आम आदमी पार्टी का साथ

सपा, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के साथ चुनाव लड़कर बुरी तरह पराजित हुई थी। उधर कांग्रेस यूपी में धीरे-धीरे मुख्य विपक्ष बनने का प्रयास कर रही है। ऐसे में क्षेत्रीय पार्टियां एक साथ आकर इस राष्ट्रीय पार्टी के सामने चुनौती बनने की फिराक में है।

Written by: January 9, 2020 6:41 pm

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से रोकने के लिए अब समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी कमर कस ली है। वह इस चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) को समर्थन देने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, सपा मुखिया अखिलेश यादव दिल्ली विधानसभा चुनाव न लड़कर सत्ताधारी आप को समर्थन देना चाह रहे हैं।

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सपा, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के साथ चुनाव लड़कर बुरी तरह पराजित हुई थी। उधर कांग्रेस यूपी में धीरे-धीरे मुख्य विपक्ष बनने का प्रयास कर रही है। ऐसे में क्षेत्रीय पार्टियां एक साथ आकर इस राष्ट्रीय पार्टी के सामने चुनौती बनने की फिराक में है। यही वजह है कि सपा दिल्ली विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरने के मूड में नहीं है। वह आम आदमी पार्टी को समर्थन देकर क्षेत्रीय पार्टियों की एकता का संदेश देना चाहती है। हालांकि सपा का दिल्ली में अपना कोई वोटबैंक नहीं है। यह पार्टी मान रही है कि आगे, आने वाले चुनावों में वह बड़ा गेम कर सकती है।

Arvind Kejriwal Akhilesh Yadav
दिल्ली में भाजपा, बसपा और कांग्रेस अकेले दम पर चुनाव मैदान में उतरने जा रही है। ऐसे में अखिलेश को लगता है कि अगर दो-चार सीटें भी न मिलीं तो बेकार की फजीहत हो जाएगी और इसका संदेश यूपी के चुनाव में भी जाएगा। इसी कारण वह किसी प्रकार का जोखिम लेना नहीं लेना चाहते। समर्थन का फायदा यह होगा कि साल 2022 में यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव में सपा को आप का साथ मिलने की भी संभावना बनी रहेगी।

सपा मुखिया ने अभी इसका कोई अधिकारिक ऐलान तो नहीं किया है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि सपा चाहती है कि वह आम आदमी पार्टी की राह में रोड़ा न बने और ना ही उसे ‘वोटकटवा’ कहा जाए। इसीलिए वह अपना समर्थन आप को देना चाहती है।

Arvind Kejriwal PC Delhi
लोकसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। मुलाकात के दौरान संजय ने मोबाइल के जरिए अखिलेश की दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से बात भी करवाई थी। कुछ समय पहले हुए यूपी विधानसभा उपचुनाव में आप ने सपा को समर्थन दिया था। सपा और आप के बीच बेहतर तालमेल भी बना हुआ। इसे सपा खराब नहीं करना चाहती।

पिछली बार दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव में सपा ने कुछ सीटों पर अपनी किस्मत अजमाई थी, लेकिन उसे एक भी सीट नहीं नहीं मिल पाई थी। इसलिए दिल्ली के नेता भी अपनी पार्टी को इस चुनाव से दूर रखना चाहती है। सपा मुखिया भी इसका संकेत दे चुके हैं। सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी का कहना है, “सपा ने अभी दिल्ली में चुनाव लड़ने के बारे में कुछ तय नहीं किया है। इसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करने के बाद ही कोई निर्णय लेंगे।”