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Ravi Shankar Prasad On Waqf Amendment Bill : वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान रविशंकर प्रसाद ने राजीव गांधी का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा

Ravi Shankar Prasad On Waqf Amendment Bill : बीजेपी सांसद प्रसाद ने कांग्रेस और विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर कितना बवाल मचाया गया था। विदेशों में उत्पीड़न का सामना करने वाले हिंदुओं, सिखों और ईसाइयों को भारत लाया गया। इसका भारतीय मुसलमानों पर कोई असर नहीं हुआ, फिर भी बेवजह हंगामा खड़ा किया गया और अब एक बार फिर गुमराह करने और अशांति पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

नई दिल्ली। वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इस बिल को संविधान के मूल ढांचे पर आक्रमण बताया और सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। वहीं गोगोई के आरोपों पर जवाब देते हुए बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने राजीव गांधी का नाम लेते हुए शाहबानो केस का जिक्र किया। उन्होंने कांग्रेस के साथ-साथ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर भी निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर कांग्रेस के फैलाए झूठ पर भी उसे घेरा।

बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, वे कहते हैं कि वे संशोधन चाहते हैं, लेकिन राजनीतिक मजबूरियाँ उन्हें रोकती हैं। सालों से, वही तर्क, वही भाषा। मैं आपको एक उदाहरण देता हूँ, शाहबानो केस याद है? जब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि शाहबानो जिस तलाक के बाद भरण-पोषण के रूप में कुछ सौ रुपए मिलने चाहिए, तो इस फैसले के खिलाफ़ बहुत हंगामा हुआ था। उस समय राजीव गांधी 400 सीटों के विशाल बहुमत के साथ इस देश के प्रधानमंत्री थे। फिर भी, एक 75 वर्षीय मुस्लिम विधवा को कुछ सौ रुपए मिलने के लिए, एक बड़ा विवाद खड़ा किया गया। प्रसाद बोले, आज मैं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बारे में बात करना चाहता हूँ। जब सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक़ मामले की सुनवाई कर रहा था, तो बोर्ड ने कोर्ट से कहा था, ‘कोई फ़ैसला मत सुनाइए, हम एक निकाहनामा बनाकर पूरे देश में प्रसारित करेंगे, जिसमें लिखा होगा कि निकाह करते समय एक शर्त यह भी रखी जाएगी कि तीन तलाक़ न हो।’ याद कीजिए, जब क़ानून पारित हुआ था, तो ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन तलाक़ क़ानून के ख़िलाफ़ एक बड़ा आंदोलन छेड़ा था।

बीजेपी सांसद ने कहा कि सिर्फ वोट बैंक के लिए यह देश कहां तक जाएगा? याद कीजिए कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर जानबूझकर कितना बवाल मचाया गया था। विदेशों में उत्पीड़न का सामना करने वाले हिंदुओं, सिखों और ईसाइयों को भारत लाया गया। इसका भारतीय मुसलमानों पर कोई असर नहीं हुआ, फिर भी बेवजह हंगामा खड़ा किया गया और अब एक बार फिर गुमराह करने और अशांति पैदा करने की कोशिश की जा रही है।