
नई दिल्ली। दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में दंगाइयों के अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाने से पहले इलाके को केंद्रीय बलों और दिल्ली पुलिस के जवानों से छावनी में बदल दिया गया है। यहां सैकड़ों जवानों की तैनाती की गई है। जवानों ने दिल्ली नगर निगम की कार्रवाई से पहले इलाके में फ्लैग मार्च भी निकाला। जानकारी के मुताबिक अवैध कब्जों में रहने वाले लोग अपना सामान हटाने लगे हैं। दिल्ली नगर निगम MCD ने बीते कल ही दिल्ली पुलिस को चिट्ठी भेजकर कहा था कि वो 20 और 21 अप्रैल को जहांगीरपुरी में अवैध कब्जे हटाएगा। एमसीडी ने दिल्ली पुलिस से इस काम के लिए महिला कॉन्सटेबल समेत 400 जवानों की मांग की थी।
एमसीडी की इस मांग के बाद आज तड़के से ही जहांगीरपुरी में गाड़ियों में भरकर जवानों को पहुंचाया जाने लगा। तमाम बड़े अफसर इस पूरी कार्रवाई पर नजर रख रहे हैं। कई जगह बैरीकेडिंग की गई है। ताकि हिंसा की सूरत में भीड़ से निपटा जा सके। सभी जवान हेलमेट और पथराव से बचने के लिए बॉडी आर्मर पहने हुए हैं। नगर निगम की टीम का बुलडोजर अभियान यहां हड़कंप मचा रहा है। बता दें कि जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती के मौके पर 16 अप्रैल को दंगाइयों ने जमकर हिंसा की थी।
इस घटना के बाद ही तमाम लोगों ने जहांगीरपुरी में दंगाइयों से निपटने के लिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के जैसे मॉडल को लागू करने की मांग की थी। योगी ने यूपी में दंगाइयों और माफिया के खिलाफ प्रभावी तौर पर बुलडोजर का इस्तेमाल किया है। ऐसी ही कार्रवाई की मांग जहांगीरपुरी में भी होने के बाद एमसीडी ने अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाने का फैसला किया। इससे पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस से कहा था कि वो दंगाइयों पर ऐसी कार्रवाई करे कि आगे कभी दंगा करने के बारे में लोग सोच भी न सकें। पुलिस ने इसके बाद मुख्य आरोपी अंसार और फायरिंग करने वाले सोनू समेत 5 लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून NSA के तहत कार्रवाई की है।