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बनना है अध्यक्ष तो देनी होगी CM पद की कुर्बानी, राहुल के इन संकेतों से राजस्थान की राजनीति में क्यों मची खलबली, जानें यहां

उधर, इस संदर्भ में अशोक गहलोत ने मीडिया से मुखातिब होने के क्रम में स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी की ओर से जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, उसे मैं सहर्ष स्वीकार करने के लिए तैयार रहूंगा। बहरहाल, उनके बयान ने एक बात स्पष्ट कर दिया है कि गहलोत पार्टी के सियासी दंगल में उतरने के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुके हैं।

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नई दिल्ली। लगता है बीजेपी के तरकश से निकले तीरों से कांग्रेस को यह समझ आ चुका है कि जनता के बीच खो चुके अपने विश्वास को फिर से हासिल करने के लिए हमें तिलांजलि दे चुकी अपनी लोकतांत्रिक पद्धतियों को आत्मसात करने के लिए बाध्य होना ही होगा। संभवत : यह उसी की परिणीति है कि अब कांग्रेस के अध्यक्ष पद के बतौर उम्मीदवार के रूप में कभी अशोक गहलोत का नाम, तो कभी वरिष्ठ नेता शशि थरूर का नाम तो कभी  दिग्विजय सिंह का नाम भी चर्चा में है। लेकिन, अभी तक इस संदर्भ में किसी की भी ओर से अधिकृत बयान सामने नहीं आया है।

गांधी परिवार से बाहर का होगा कांग्रेस का अगला अध्यक्ष? सवाल पर क्या बोले  अशोक गहलोत - next president of congress outside gandhi family what did  ashok gehlot say on question stv –

उधर, इस संदर्भ में अशोक गहलोत ने मीडिया से मुखातिब होने के क्रम में स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी की ओर से जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, उसे मैं सहर्ष स्वीकार करने के लिए तैयार रहूंगा। बहरहाल, उनके बयान ने एक बात स्पष्ट कर दिया है कि गहलोत पार्टी के सियासी दंगल में उतरने के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुके हैं, लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रहे कि अभी तक पार्टी की ओर से इस संदर्भ में कोई अधिकृत टिप्पणी नहीं की गई है। ऐसी स्थिति में किसी भी नतीजे पर पहुंचना अतिशयोक्ति हो सकती है। उधर, राहुल गांधी के बारे में तो आपको पता ही होगा कि वे कांग्रेस के अध्यक्ष पद की कमान अपने हाथों में लेने से साफ इनकार कर चुके हैं। लेकिन उन्होंने कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए होने जा रहे चुनाव के संदर्भ में इतना जरूर कहा कि जिस किसी भी को भी उपरोक्त जिम्मेदारी सौंपी जाए, वो यह सोचकर उक्त पद का निर्वहन करें कि वो समस्त भारत की नुमाइंदगी करने जा रहा है। इसके साथ ही कथित तौर पर एक पद एक व्यक्ति के सिद्धांत की वकालत की गई है, जिसके तहत स्पष्ट कर दिया गया है कि एक व्यक्ति को महज एक पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।  एक व्यक्ति को एक साथ दो पद देना राजनीतिक सिद्धांतों के दृष्टि के अंतर्गत अनैतिक माना जाएगा। ऐसे में पिछले कुछ दिनों से जिस तरह अध्य़क्ष पद के लिए अशोक गहलोत का नाम सुर्खियों में है। ऐसे में माना जा रहा है कि राहुल का इशारा अप्रत्यक्ष तौर पर अशोक गहलोत की ओर ही था। ध्यान रहे कि राहुल के इन इशारों के बाद राजस्थान की राजनीति में भी भूचाल आ चुका है। रणनीति के तहत अशोक गहलोत के रूप में चल सकते हैं राहुल गांधी नया 'दांव'! -  Window To News

बहरहाल, कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। अब ऐसी स्थिति में आगामी दिनों में पार्टी की स्थिति में क्या कुछ देखने को मिल रहा है। यह तो फिलहाल आने वाला वक्त ही बताएगा। तब तक के लिए आप देश दुनिया की तमाम बड़ी खबरों से रूबरू होने के लिए पढ़ते रहिए। न्यूज रूम पोस्ट.कॉम

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