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CM Kejriwal: भारत और नाइजीरिया की तुलना कर केजरीवाल का मोदी सरकार पर वार, आंकड़ों से खुली ‘झूठ’ की पोल

अब आप इतना सबकुछ पढ़ने के बाद मन ही मन सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि आप ऐसी भूमिकाओं के जाल बुने जा रहे हैं। जरा कुछ खुलकर बताएंगे। तो चलिए अब हम आपको सबकुछ तफसील से बताते हैं।

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नई दिल्ली। चलिए मान लिया विपक्षी होने के नाते आपके पास केंद्र सरकार को सवालिया कठघरे में खड़ा करने का पूरा हक है, लेकिन जरा यह जानने की जहमत तो उठा लीजिए साहब कि जो सवाल आप पूछने जा रहे हैं, वो कितना दुरूस्त है। क्यों बेकार में अपनी छिछालेदर करवा लेते हैं। क्या मजा आता है आपको खुद को बेआबरू करवाने में। अब आप इतना सबकुछ पढ़ने के बाद मन ही मन सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि आप ऐसी भूमिकाओं के जाल बुने जा रहे हैं। जरा कुछ खुलकर बताएंगे। तो चलिए अब हम आपको सबकुछ तफसील से बताते हैं।

वैसे तो आपको पता ही होगा कि सीएम केजरीवाल किसी ना किसी मसले को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर रहते ही हैं, लेकिन कई बार केंद्र सरकार पर हमला करने के चक्कर में वो अपनी छीछालेदर करवा लेते हैं। जैसा कि वर्मतान में अपना करवा चुके हैं। आपको बता दें कि गत दिनों उन्होंने ट्वीट कर देश की माली आर्थिक हालत को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। निशाना साधने सीएम इतने मशगूल हो गए कि उन्हें बोध ही नहीं रहा कि वे क्या लिखे जा रहे हैं। लेकिन, जब उनके द्वारा ट्वीट में लिखे गए हर्फों की तफ्तीश की गई तो केजरीवाल का झूठ पकड़ा गया।

दरअसल, सीएम केजरीवाल ने ट्वीट कर भारत को ना महज निर्धन राष्ट्र बताया था, बल्कि भारत की हालत नाइजीरिया से भी ज्यादा बदहाल बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। जिसे लेकर उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना भी साधा था। केजरीवाल ने कुछ न्यूज वेबसाइट में प्रकाशित लेखों का हवाला देकर मोदी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे।

केजरीवाल ने अपने ट्वीट में कहा था कि, ‘75 साल में हमारा देश इन पार्टियों और नेताओं की वजह से सर्वाधिक गरीब देश बन गया। इन लोगों ने हर भारतीय का सिर झुका दिया है, लेकिन अब भारत रूकेगा नहीं। भारत के 130 करोड़ लोग भारत को दुनिया का सबसे अमीर देश बनाएंगे। अब हम हर भारतीय को अमीर बनाएंगे।

इसके साथ ही केजरीवाल ने दूसरे लेख का हवाला देकर केंद्र सरकार पर हमला बोला था। जिसमें उन्होंने कहा था कि आजादी के 75 साल बाद यह खबर हर भारतीयों को दुखी देने वाली है। आज हमें समृद्धि में दुनिया का सबसे समृद्ध देश होना चाहिए, ना की गरीबी में। तो इस तरह से केजरीवाल ने मोदी सरकार पर निशाना साध डाला लेकिन हकीकत कुछ और थी और हकीकत भी ऐसी जिसने खुद ही केजरीवाल को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया। आइए, आगे हम आपको उस हकीकत से वाकिफ कराते हैं।

दरअसल, अंकुर सिंह नाम के ट्विटर यूजर ने केजरीवाल के झूठ का पर्दाफाश किया है। ट्विटर यूजर ने कुछ आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में निर्धनता के समूल विनाश की दिशा में अकल्पनीय कदम उठाए हैं। यहां तक की अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने निर्धनता को खत्म करने की दिशा में भारत द्वारा उठाए गए कदमों की प्रशंसा की है।

अंकूर ने अपने इन दावों को पुष्टि करने के लिए कुछ आंकड़ों का भी हवाला दिया है। जिसमें उन्होंने कहा कि अभी गरीबी का क्या हाल है? नाइजीरिया जनसंख्या- 215 मिलियन अत्यधिक गरीबी में लोग – 70 मिलियन अत्यधिक गरीबी में 32% लोग भारत- 1409 मिलियन अत्यधिक गरीबी – 51 मिलियन 4। आगे अंकूर ने कहा कि लेकिन केजरीवाल जैसे राजनेता सस्ती राजनीति करने के लिए निराधार आंकड़ों का सहारा लेकर मोदी सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं, जो कि अपने आप में निंदनीय है।

वहीं, अंकूर ने अपने दूसरे ट्वीट में केजरीवाल का झूठ का पर्दाफाश करते हुए कहा कि, रीबी की तुलना करते समय ध्यान देने वाली सबसे महत्वपूर्ण बात गरीबी पलायन दर है। भारत- एक मिनट में 18 लोगों को गरीबी से निकाला जा रहा है नाइजीरिया- एक मिनट में 2.3 लोग गरीबी में जुड़ जाते हैं केजरीवाल का कहना है कि भारत की हालत नाइजीरिया से भी खराब है. वह आईआईटी गया?

इसके साथ ही उन्होंने अपने तीसरे ट्वीट में कहा कि, गरीबी पर भारत के खिलाफ अधिकांश लेखों में 2020 के आंकड़ों का उपयोग किया गया है जब कोविड लॉकडाउन के कारण थोड़े समय के लिए संख्या में वृद्धि हुई थी। लेकिन देखिए कैसे भारत इससे जल्दी उबर गया तस्वीर 1- 2020 तस्वीर 2- 2021 तस्वीर 3- 202। तो इस तरह से आप देख सकते हैं कि कैसे अंकूर ने सीएण केजरीवाल के झूठे दावों की पोल खोलकर रख दी थी। लेकिन, जिस तरह केजरीवाल अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदी की छवि धूमिल करने के लिए झूठे आंकड़ों का सहारा ले रहे हैं, वह निंदनीय है। माना जा रहा है कि आगामी दिनों में इस पूरे मसले को लेकर राजनीतिक घमासान भी देखने को मिल सकता है।

आपको बता दें कि वर्मतान में सीएम केजरीवाल गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर एक्शन मोड में हैं। गुजरात में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। गत सोमवार को उनके ऊपर सूरत में रोड शो के दौरान पत्थऱ फेंके जाने की खबर भी प्रकाश में आई थी। जिसकी बीजेपी और कांग्रेस ने निंदा भी की थी। बहरहाल, गुजरात के आगामी सियासी दंगल का सूरमा कौन बनता है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

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