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Barabanki: मुस्लिम परिवार को BJP को वोट देना पड़ा भारी, गांववालों ने बंद किया हुक्का-पानी, मस्जिद में भी नो एंट्री

Barabanki: ताजा मामला बाराबंकी जिले के फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र के रेरिया गांव से सामने आया है। यहां एक मुस्लिम परिवार को बीजेपी को वोट देना इतना भारी पड़ गया कि ग्राम प्रधान सहित गांव के सभी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस परिवार का हुक्का-पानी बंद कर दिया है। हद तो तब हो गई जब इस परिवार को गांव की मस्जिद में नमाज पढ़ने और उनकी दुकान से गांव वालों को सामान लेने से रोक दिया गया।

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक मुस्लिम परिवार ने आरोप लगाया है कि उन लोगों ने यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में वोट किया जिसके चलते गांव वालों ने उन सभी का हुक्का-पानी बंद कर दिया है। दरअसल, प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से बीजेपी को वोट देने वाले मुसलमानों पर जुल्मों सितम की खबरें आने का सिलसिला थम रहा नहीं है। खास बात यह है कि इन सभी मामलों में ज़ुल्म करने वाले उनके आसपास के या परिवार के लोग ही हैं। इसी क्रम में नया उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक मुस्लिम परिवार ने आरोप लगाया कि उन लोगों ने यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी के पक्ष में वोट किया जिसके चलते गांव वालों ने उन सभी का हुक्का-पानी बंद कर दिया है। दरअसल, प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से बीजेपी को वोट देने वाले मुसलमानों पर जुल्मों सितम की खबरें आने का सिलसिला थम रहा नहीं है। खास बात यह है कि इन सभी मामलों में ज़ुल्म करने वाले उनके आसपास के या परिवार के लोग ही हैं। इसी क्रम में नया मामला बाराबंकी जिले से सामने आया है। जहां एक मुस्लिम परिवार का उसके गांव के बाकी मुसलमानों ने हुक्का-पानी बंद कर दिया है। यहां तक कि मस्जिद में नमाज पढ़ने पर रोक के साथ लड़के की शादी में शामिल होने वालों पर 20 हजार का जुर्माना भी घोषित किया है।

ताजा मामला बाराबंकी जिले के फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र के रेरिया गांव से सामने आया है। यहां एक मुस्लिम परिवार को बीजेपी को वोट देना इतना भारी पड़ गया कि ग्राम प्रधान सहित गांव के सभी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस परिवार का हुक्का-पानी बंद कर दिया है। हद तो तब हो गई जब इस परिवार को गांव की मस्जिद में नमाज पढ़ने और उनकी दुकान से गांववालों को सामान लेने से रोक दिया गया। ऐसे में गांव वालों के इस जुल्मों सितम से यह परिवार काफी परेशान हैं। परिवार में इसी महीने 31 तारीख को लड़के की शादी है। इनका लड़का सऊदी से घर आया है। लेकिन अब ग्राम प्रधान सहित गांव के लोग लड़के की शादी में शामिल न होने और शादी में गांव में टेंट न लगाने का फरमान सुना चुके हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव के प्रधान समेत कुछ लोग उनकी एक जमीन को मदरसा के लिये देने का दबाव बना रहे हैं।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव के प्रधान समेत बाकी ने कहा है कि अगर गांव में किसी ने भी उनके परिवार के लोगों से बात की, शादी में खाना खाया या कोई भी मतलब रखा तो उनको 20 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। साथ ही शादी में टेंट लगाने वालों, खाना बनाने वालों समेत बाकी लोगों को भी मना कर दिया है। इसके अलावा उनको मस्जिद में नमाज पढ़ने से भी रोका जा रहा है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि उन लोगों ने कई साल पहले एक जमीन भी खरीदी थी, गांव के प्रधान समेत बाकी लोग उनपर दबाव बना रहे हैं कि हम वह जमीन मदरसा के लिये खाली कर दें। ऐसे में हम लोग काफी परेशान हैं।

वहीं गांव वालों के हुक्का-पानी बंद करने से परेशान परिवार का आरोप है कि उन लोगों ने पुलिस से मदद मांगी, लेकिन पुलिस आखिर क्यों मदद करें क्योंकि पुलिस तो ग्राम प्रधान से मिली हुई है। आखिर पुलिस ग्राम प्रधान से मिली नहीं होती तो परिवार को अब तक न्याय मिल गया होता और परिवार सुकून से रह रहा होता। परिवार का आरोप है कि पुलिस उन पर जबरदस्ती सुलह का दबाव बना रही है।

हालांकि बात कुछ भी हो लेकिन परिवार काफी परेशान है। घर में शादी है, ऐसे में गांव वालों ने हुक्का-पानी बंद कर दिया है। परिवार को मस्जिद में नमाज पढ़ने नहीं दिया जा रहा। यह सब सोचकर परिवार को लगता है कि उसने बीजेपी को वोट देकर बहुत बड़ी गलती कर दी है क्या। क्योंकि अगर बीजेपी को वोट न दिया होता तो उनके साथ ऐसा नहीं होता और पुलिस उसकी मदद जरूर करती। इस खबर ने यह सवाल फिर पैदा कर दिया है कि कुछ मुसलमानों को बीजेपी को वोट देना बाकी लोगों को इतना क्यों अखर रहा है? ऐसे में अब देखना यह होगा कि आखिर यह खबर देखकर जिले के आला अधिकारी इस परिवार को कब तक न्याय दिला पाते हैं।

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