Farmers Protest: गिरफ्तारी की डर से बौखला उठा राकेश टिकैत, फिर कहा गोली चलेगी, मैं फांसी लगा लूंगा!

किसान आंदोलन के बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत का बड़ा बयान आया है। नरेश टिकैत ने गाजीपुर बॉर्डर से धरना खत्म करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सब सुविधाएं बंद होने के बाद धरना कैसे चलेगा।

Avatar Written by: January 28, 2021 7:06 pm
Rakesh Tikait

नई दिल्ली। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एक बार फिर किसानों को भड़काने वाला बयान दिया। उन्होंने एक बार फिर गोली चलानेवाला बयान दिया। राकेश टिकैत ने कहा कि अगर उनको गिरफ्तार कर लिया गया तो वह यहीं फांसी लगा लेंगे। इसके बाद किसानों को भड़काते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि यहां से किसी की गिरफ्तारी नहीं होगा। टिकैत ने कहा कि गोली चलानी होगी तो यहीं चलेगी, आंदोलन जारी रहेगी। राकेश टिकैत ने कहा कि बीजेपी के लोग गुंडागर्दी कर रहे हैं, आंदोलन जारी रखो। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए गुरुवार की शाम को कहा कि कुछ हुआ तो प्रशासन जिम्मेवार होगा।


किसान आंदोलन के बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत का बड़ा बयान आया है। नरेश टिकैत ने गाजीपुर बॉर्डर से धरना खत्म करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सब सुविधाएं बंद होने के बाद धरना कैसे चलेगा। अब नेता-कार्यकर्ताओं को धरना खत्म कर वापस लौट जाना चाहिए। सिसौली में महापंचायत के दौरान नरेश टिकैत ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि किसानों की पिटाई से अच्छा है कि वो धरना खत्म कर दें।

ट्रैक्टर रैली में हिंसा के बाद एक्शन में योगी सरकार, गाजीपुर बॉर्डर सहित सभी धरनास्थल खाली करने का दिया आदेश

राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर परेड के नाम पर जो हिंसा और हुड़दंग मची उसको लेकर अब दिल्ली और आसपास के राज्यों की पुलिस और सरकार एक्शन मोड में नजर आ रही है। राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश में गाज़ीपुर बॉर्डर को घेरकर भी प्रदर्शनकारी किसान बैठे हैं। यहां का नेतृत्व किसान नेता राकेश टिकैत कर रहे हैं। जिनके खिलाफ एफआईआर और लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। अब यूपी पुलिस की तरफ से गाजीपुर बॉर्डर पर फ्लैग मार्च किया गया है। पुलिस के द्वारा किए गए फ्लैग मार्च के बाद अब इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि आज रात तक इस बॉर्डर को भी खाली करा लिया जाएगा। यहां से पहले ही कई टैंट हटा दिए गए हैं।

वहीं अब खबर आ रही है कि योगी आदित्यनाथ बॉर्डर को घेरकर बैठे इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त मुड में हैं। दिल्ली में हुई अराजक ट्रैक्टर परेड के बाद जहां तिरंगे के अपमान के बाद पूरे देश में उबाल है वहीं उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से किसानों का धरना खत्म कराने का आदेश जारी कर दिया गया है। इसको लेकर योगी सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस-प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द धरना स्थल खाली कराया जाए और लोगों की आवाजाही को यहां से सामान्य कराया जाए। यूपी के कई शहरों में कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन पिछले दो महीने से चल रहा था। इसमें से कई शहरों में पुलिस ने कल रात ही धरना स्थल खाली करा दिया है।

CM Yogi Adityanath

अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने किसानों को गाजीपुर बॉर्डर पर बनाए गए धरनास्थल को खाली करने का आदेश जारी किया है। इसके बाद यूपी गेट पर धरनास्थल को खाली कराने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा किसानों को अल्टीमेटम दे दिया गया है। इस आदेश के बाद जिला मजिस्ट्रेट अजय शंकर पांडेय सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी धरनास्थल पर पहुंच चुके हैं।

Rakesh Taikait

वहीं दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर भी हलचल तेज हो गई है। यहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग प्रदर्शन कर रहे हैं और वह किसानों से धरनास्थल खाली करने की मांग कर रहे हैं। उनकी तरफ से कहा जा रहा है कि 26 जनवरी के दिन तिरंगे का जो अपमान हुआ है उसको अब हिंदुस्तान बर्दाश्त नहीं करेगा। ऐसे में इन किसानों को अभी धरनास्थल खाली करना पड़ेगा। इसके साथ ही खबर आ रही है कि दिल्ली पुलिस सिंघु बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर रही है। यहां के किसान प्रदर्शनकारी इस बैरिकेडिंग का विरोध भी कर रहे हैं। जबकि पुलिस बैरिकेडिंग के जरिए प्रदर्शनकारियों को सड़क के एक तरफ से दूसरी तरफ जाने से रोकना चाहती है।

Red Fort

आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर परेड के नाम पर जो हुड़दंग हुआ उसके बाद दिल्ली पुलिस ने 35 से ज्यादा आरोपी किसान नेताओं के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है। दिल्ली पुलिस ने लुक आउट नोटिस इसलिए जारी किया है ताकि कोई भी आरोपी देश छोड़कर भाग न सके। इन सभी नेताओं के पासपोर्ट जब्त करने का भी आदेश जारी किया गया है।


इधर इस सब के बीच दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने अपने कर्मचारियों को एक बेहद भावुक कर देनेवाला पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा, “किसानों के आंदोलन के हिंसक होने के बावजूद आपने बहुत धैर्य दिखाया… हमारे 394 दोस्त हिंसा में घायल हुए और कुछ अस्पताल में हैं मैं उनमें से कुछ से मिला, उन्हें उचित उपचार दिया जा रहा है।”

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