भारत-चीन हिंसा पर पीएम मोदी का आया पहला रिएक्शन, जवानों की शहादत पर देखिए क्या कहा

पीएम मोदी ने कहा कि, मैं देश को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। हमारे लिए भारत की अखंडता और संप्रभुता सर्वोच्च है और इसकी रक्षा करने से हमें कोई भी रोक नहीं सकता। भारत शांति चाहता है लेकिन भारत उकसाने पर हर हाल में यथोचित जवाब देने में सक्षम है।

Written by: June 17, 2020 3:43 pm

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में चीन से विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। भारतीय जवानों की शहादत पर प्रधानमंत्री मोदी ने चीन को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जिन जवानों की शहादत हुई है, वो व्यर्थ नहीं जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमारे दिवंगत शहीद वीर जवानों के विषय में देश को इस बात का गर्व होगा कि वे मारते-मारते मरे हैं। भारत शांति चाहता है, लेकिन भारत उकसाने पर हर हाल में यथोचित जवाब देने में सक्षम है।”

PM Narendra Modi

पीएम मोदी ने कहा कि, मैं देश को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। हमारे लिए भारत की अखंडता और संप्रभुता सर्वोच्च है और इसकी रक्षा करने से हमें कोई भी रोक नहीं सकता। भारत शांति चाहता है लेकिन भारत उकसाने पर हर हाल में यथोचित जवाब देने में सक्षम है।

पीएम मोदी ने कहा, ‘हमने हमेशा से अपने पड़ोसियों के साथ मिलकर काम किया है। हमेशा उनके विकास और कल्याण की कामना की है। जहां कहीं मतभेद भी रहे हैं, हमने हमेशा ये प्रयास किया है कि मतभेद विवाद न बने। हम कभी किसी को भी उकसाते नहीं हैं। लेकिन अपने देश की अखंडता और संप्रभुता के साथ समझौता भी नहीं करते। जब भी समय आया है हमने देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने के लिए अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है, अपनी क्षमताओं को साबित किया है।’

PM Narendra Modi

बुधवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोनावायरस पर वार्ता के पहले पीएम मोदी और गृहमंत्री अ​मित शाह ने चीन सीमा पर शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही शहीद जवानों के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया।

लद्दाख सीमा पर गलवान घाटी में सोमवार को चीन के साथ हुई झड़प में देश के 20 बहादुर सैनिक शहीद हुए थे। शुरुआत में एक अफसर सहित तीन जवानों के शहीद होने की बात सामने आई थी, मगर बाद में सेना ने 17 और जवानों के शहीद होने की पुष्टि की थी। इस घटना के बाद से चीन और भारत की सीमा पर तनाव बढ़ गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इससे पूर्व बयान जारी कर कह चुके हैं कि भारत अपने शहीदों के बलिदान को याद रखेगा।