दिल्ली : अर्धसैनिक बलों की तैनाती के बावजूद हो रही पत्थरबाजी

बाबरपुर में रहने वाले राजा ने आईएएनएस से कहा “सोमवार को हमारे मोहल्ले के बाहर तीन घंटे तक रुक-रुककर पथराव व हिंसक झड़पें होती रहीं। ज्यादातर उपद्रवी दूसरे मोहल्लों से आए थे। हिंसा कर रहे इन लोगों के हाथ में लाठी-डंडे और लोहे की रॉड भी थीं।”

Avatar Written by: February 25, 2020 11:54 am

नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में मंगलवार सुबह भी हिंसा व पत्थरबाजी की कई छिटपुट वारदातें होती रही। मौजपुर, बाबरपुर, जाफराबाद, गोकुलपुरी, बृजपुरी आदि इलाकों में पुलिस व रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की तैनाती की गई है। हालांकि इन क्षेत्रों के कई अंदरूनी इलाकों में आपसी भिड़ंत व एक दूसरे पर पत्थरबाजी की वारदातें अभी भी हो रही हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक उपद्रवी भीड़ ने यहां कई दुपहिया वाहनों को भी आग लगाने की कोशिश की है।

Delhi

मंगलवार सुबह मौजपुर के समीप ब्रह्मपुरी इलाके में उपद्रवी भीड़ ने एक बार फिर पथराव किया। छोटे-छोटे गुटों में बंटे उपद्रवियों के ये समूह पुलिस व कुछ अन्य लोगों पर पथराव करते दिखे। हालांकि बड़ी संख्या में पुलिस की मौजूदगी और सतर्कता के चलते यह उपद्रवी हिंसा फैलाने में नाकाम रहे। हिंसा की छिटपुट घटनाएं जाफराबाद, मौजपुर और बाबरपुर के अंदरूनी हिस्सों में भी सामने आई हैं।

हिंसा की आशंका के चलते पुलिस ने यहां सभी गैरजरूरी आवाजाही रोक दी है। मुख्य सड़क मार्ग पर बैरिकेड लगाए गए हैं। सड़कों पर वाहनों के साथ साथ पैदल व्यक्तियों की आवाजाही भी नियंत्रित की गई है। साथ ही सड़क के दोनों ओर बड़ी तादात में दिल्ली पुलिस रैपिड एक्शन फोर्स और अर्धसैनिक बलों के सशस्त्र जवान तैनात किए गए हैं।

Security Forces in Delhi
सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली पुलिस ने हिंसा ग्रस्त इलाकों के मेट्रो स्टेशन फिलहाल बंद करवा दिए हैं। जाफराबाद, मौजपुर-बाबरपुर, गोकुलपुरी, जौहरी एनक्लेव और शिव विहार मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं। इन सभी इलाकों में सोमवार को जबरदस्त हिंसा व आगजनी हुई थी। अब बाहर से उपद्रवी तत्व यहां आकर एकत्र ना हों, इसके लिए इन मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा गया है।

Delhi Police Van
बाबरपुर में रहने वाले राजा ने आईएएनएस से कहा “सोमवार को हमारे मोहल्ले के बाहर तीन घंटे तक रुक-रुककर पथराव व हिंसक झड़पें होती रहीं। ज्यादातर उपद्रवी दूसरे मोहल्लों से आए थे। हिंसा कर रहे इन लोगों के हाथ में लाठी-डंडे और लोहे की रॉड भी थीं।”


राजा के मुताबिक उनकी गली के कई लोगों ने एकजुट होकर उपद्रवियों को खदेड़ दिया। बाबरपुर में सोमवार के मुकाबले फिलहाल शांति है, हालांकि यहां रहने वाले स्थानीय लोग सुबह से ही अपनी गलियों, चौराहों पर इकट्ठा होना शुरू हो गए। इन लोगों का कहना है कि वे मेन रोड पर नहीं जाएंगे लेकिन गलियों के अंदर पुलिस को सुरक्षा बनाए रखने में अपना सहयोग जरूर देंगे।