साईं जन्मस्थान को लेकर उद्धव के बयान शिरडी के लोग नाराज, अनिश्चित बंद का ऐलान

उद्धव के इस बयान का असर ऐसा है कि उनकी अपील के बाद भी शिरडी ग्राम सभा ने रविवार को बंद करने का फैसला किया है। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि साईं बाबा ने अपने जन्म और धर्म जिक्र कभी नहीं किया और न ही साईं चरित्र में इसके बारे में कुछ लिखा हुआ है।

Written by: January 19, 2020 8:23 am

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा साईं जन्मस्थान को लेकर दिए गए बयान पर बवाल बढ़ता जा रहा है। रविवार को शिरडी के लोगों ने बंद का ऐलान किया है। बता दें कि उद्धव ठाकरे ने 9 जनवरी को औरंगाबाद में साईंबाबा के कथित जन्म स्थान पाथरी शहर के लिए 100 करोड़ की विकास निधि देने का ऐलान किया था। इसी को लेकर लोग नाराज हैं।

Shirdi Sai Baba temple

बंद का ऐलान

उद्धव के इस बयान का असर ऐसा है कि उनकी अपील के बाद भी शिरडी ग्राम सभा ने रविवार को बंद करने का फैसला किया है। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि साईं बाबा ने अपने जन्म और धर्म जिक्र कभी नहीं किया और न ही साईं चरित्र में इसके बारे में कुछ लिखा हुआ है।

uddhav thackeray

बयान वापस लेने की मांग

शिरडी ग्राम सभा ने फैसला किया है कि जब तक मुख्यमंत्री ठाकरे अपना बयान वापस नहीं लेते हैं, तब तक उनका बंद जारी रहेगा। मुख्यमंत्री ने शिरडी के लोगों से रविवार के बंद को वापस लेने की बात कही है। शिवसेना एमएलसी नीलम गोरे ने एक बयान जारी करके कहा है कि आने वाले सप्ताह में मुख्यमंत्री शिरडी के लोगों से मिलेंगे और इस मसले का समाधान करेंगे।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पाथरी भी जाएंगे और लोगों से बात करेंगे। वहीं बीजेपी नेता और विधायक राधाकृष्ण विखे पाटिल ने शिरडी ग्राम सभा के बंद के आह्वान को समर्थन दिया है।

क्या है मामला

दरअसल उद्धव ठाकरे ने 9 जनवरी को औरंगाबाद में साईंबाबा के कथित जन्म स्थान पाथरी शहर के लिए 100 करोड़ की विकास निधि देने का ऐलान किया था। मुख्यमंत्री के इस फैसले का शिरडी के लोग विरोध कर रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि पाथरी को लेकर अगर सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेगी तो वो कोर्ट जाएंगे।

साईं मंदिर के पूर्व ट्रस्टी अशोक खांबेकर का कहना है कि साईंबाबा ने कभी भी अपने जन्म, धर्म पंथ के बारे में किसी को नहीं बताया। बाबा सर्वधर्मसमभाव के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे को गलत जानकरी दी गई है। खांबेकर का कहना है कि मुख्यमंत्री पहले साई सत चरित्र का अध्ययन करें और उसके बाद कोई फैसला लें।

अशोक खांबेकर ने बताया इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी साईंबाबा के जन्मस्थान को लेकर ऐसा बयान दे चुके हैं। राष्ट्रपति 1 अक्टूबर 2018 को साई बाबा समाधि शताब्दी समारोह का उद्धघाटन करने आए थे। उन्होंने भी कहा था कि पाथरी गांव साईंबाबा का जन्मस्थान है और इसके विकास के लिए मैं काम करूंगा। उस समय भी राष्ट्रपति के इस वक्तव्य का विरोध किया गया था।