सिद्दीकी कप्पन गिरफ्तारी: हाथरस में थी बड़ी साजिश की तैयारी, जांच में उजागर हुए कई चौंकाने वाले तथ्य

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हाथरस (Hathras) में जातीय दंगे की साजिश रचने के आरोप में कप्पन सिद्दीकी (Kappan Siddiqui) को 5 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। उसके साथ अतीक उर रहमान, आलम और मसूद भी पुलिस के हत्थे चढ़े थे।

Avatar Written by: November 21, 2020 5:13 pm
Kappan Siddiqui

नऊ दिल्ली। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हाथरस (Hathras) में जातीय दंगे की साजिश रचने के आरोप में कप्पन सिद्दीकी (Kappan Siddiqui) को 5 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। उसके साथ अतीक उर रहमान, आलम और मसूद भी पुलिस के हत्थे चढ़े थे। अब तक की जांच में बड़ा खुलासा हुआ हैष जिसके मुताबिक गहरी साजिश के सबूत मिले है। पूरे इलाके में जातीय हिंसा भड़काने की साजिश रची गई थी। सिद्दीकी कप्पन गिरफ्तारी के बाद कई चौकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं।

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हाथरस कांड पर कप्पन ने किए चौकाने वाले खुलासे

–  आरोपी सिद्दीकी कप्पन जामिया मिलिया का पूर्व छात्र रहा है और तेजस अखबार के रिपोर्टर के तौर पर दिल्ली के मीडिया सर्किल में घुसा था।

– 5.10.2020 को इसकी गिरफ्तारी के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, पैम्फलेट मिले थे। पैम्फलेट पर लिखा था ‘Justice for Hathras victim’। ये पैम्फलेट साम्प्रदायिक हिंसा को बढ़ावा देने वाले, बड़े स्तर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस से बचने के तरीकों से अवगत कराने, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से बचने, आदि वाले थे।

– आरोपी के पास से मिले लैपटॉप को जांच के लिए भेजा गया। उसमें से मिले डेटा में आरोपी के signed notice मिला जिसे उसने Induscroll न्यूज पेपर के एडिटर इन चीफ को भेजा था।

– एडिटर इन चीफ से पूछताछ में पता चला कि आरोपी सिद्दीकी जामिया मिलिया का पूर्व छात्र रहा है और तेजस अखबार के रिपोर्टर के तौर पर दिल्ली के मीडिया सर्किल में घुसा था। ये पीएफआई का office secretary था और Kerela Journalist Association Delhi unit से जुड़ा था।

– मलयालम मीडिया में जामिया मिलिया में हुए तनाव में 2 छात्रों को गोली मारने की फेक न्यूज फैलाने में भी इसका बड़ा हाथ था।

– आरोपी अपने प्रभाव और फंड से मलयालम मीडिया में हिंदू विरोधी खबरें बनाता था।

– आरोपी 2018 में केप टाउन गया था। जिसका खर्चा पीएफआई ने उठाया था।

– आरोपी के प्रभाव के चलते सीबीआई ऑफिसर अंकित शर्मा और दिल्ली पुलिस कांस्टेबल की हत्या की खबरें मलयालम मीडिया में नहीं चली और आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन की दंगों में भूमिका को भी मलयालम मीडिया ने ढक दिया।

– आरोपी सिद्दीकी कप्पन का संबंध पीएफआई के सदस्य पी. कोया के साथ भी था। पी कोया प्रतिबंधित संगठन सिमी का सदस्य भी था..

– आरोपी अपने आपको तेजस अखबार का रिपोर्टर बताता था। जांच में पता चला कि अखबार दिसंबर 2018 से प्रकाशित होना बंद हो गया था।

– जिस कार में आरोपी अपने तीन और आरोपियों (co-accused) के साथ घूमता था उसका ड्राइवर आलम ब्रदर इन लॉ था दानिश का जो दिल्ली नॉर्थ ईस्ट दंगे केस का आरोपी है।

Kappan Siddiqui

– Co-accused अतीक उर रहमान मुजफ्फर नगर दंगे का आरोपी रहा है।

– कप्पन समेत और आरोपियों ने यह बात कबूली है कि यह लोग सीएफआई के जनरल सेक्रेटरी रउफ शरीफ और पीएफआई के सदस्य दानिश के निर्देश पर हाथरस अप्रोच कर रहे थे।

– जांच अधिकारी ने 8.10.2020 को आरोपी सिद्धकी कप्पन से जब पूछताछ की तो उसने अपना तेजस का आई कार्ड दिखाया। आरोपी ने अपने आप को मलयालम न्यूज पेपर तेजस और अजीमुखम ऑनलाइन न्यूज पोर्टल का रिपोर्टर बताया।

Hathras Police

– राज्य सरकार ने 18.10.2020 को यह जांच एसटीएफ यूपी को सौंपने का निर्देश दिया।

– आरोपी सिद्धिकी कप्पन के बैंक खातों से पता चलता है कि उसे पीएफआई और सीएफआई से पैसा मिलता रहा है।

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