एक से दूसरे राज्य जाने वालों के लिए आई राहत की खबर, खत्म हो सकता है 31 मई से सीमा प्रतिबंध

दूसरी तरफ घरों तक पहुंचे मजदूरों को वहीं पर रोजगार देने केंद्र में उच्चस्तरीय कोशिशें शुरू हो गई हैं। इसके लिए सामाजिक कल्याण व अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय समूह (जीओएम) बनाया गया है जो इन मजदूरों का डाटा इकट्ठा कर उन्हें रोजगार मुहैया कराने के लिए अवसर बनाएगा।

Avatar Written by: May 23, 2020 9:16 am

नई दिल्ली। लॉकडाउन की वजह से एक राज्य से दूसरे राज्य जाने के लिए लगे सीमा प्रतिबंध को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है। अगर आप भी लॉकडाउन के चलते गैर-राज्य से अपने राज्य में जाना चाहते हैं तो मुमकिन है कि मई की 31 तारीख से आपको बिना किसी रोक के जाने की छूट मिल सकती है। बता दें कि लॉकडाउन के चौथे चरण के बाद यानी 31 मई के बाद राज्यों की सीमाओं का प्रतिबंध खत्म हो सकता है।

Lockdown india

दरअसल कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए अभी अंतर राज्य सार्वजनिक सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इसको देखते हुए लोग पास बनवाने में लगे हैं। दिल्ली में भी एनसीआर क्षेत्र में सीमाएं बंद होने से दिक्कतें बढ़ी हैं। इन्हें भी सीमाएं खुलने पर दूर किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार 31 मई को जब लॉकडाउन का चौथा चरण पूरा होगा तो इन सीमाओं को खोला जा सकता है।

Delhi Lockdown

हालांकि, अब भी केंद्र ने राज्यों को कहा है कि वे आपसी सहयोग से अंतर राज्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएं शुरू कर सकते हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए अधिकांश सीमाएं प्रतिबंधों के साथ ही खुली हुई हैं और सार्वजनिक परिवहन लगभग बंद है। गौरतलब है कि राज्यों की सीमाएं सार्वजनिक परिवहन और निजी परिवहन के लिए अधिकांशत: बंद होने के चलते ये दिक्कतें और बढ़ी हैं। सरकार में एक विचार यह भी है कि जब ट्रेन द्वारा लोग एक राज्य से दूसरे राज्य आ-जा सकते हैं तो सड़क सीमाएं भी खोल देनी चाहिए। इससे लोगों को कामकाज तक पहुंचने में आसानी होगी और सबसे ज्यादा लाभ औद्योगिक इकाइयों को होगा जो अधिकांश राज्यों में सीमावर्ती क्षेत्रों में है।

Migrant workers

वहीं दूसरी तरफ घरों तक पहुंचे मजदूरों को वहीं पर रोजगार देने केंद्र में उच्चस्तरीय कोशिशें शुरू हो गई हैं। इसके लिए सामाजिक कल्याण व अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय समूह (जीओएम) बनाया गया है जो इन मजदूरों का डाटा इकट्ठा कर उन्हें रोजगार मुहैया कराने के लिए अवसर बनाएगा। जीओएम ने राज्यों को पत्र लिखकर कहा है कि लॉकडाउन के दौरान जो भी प्रवासी मजदूर, घर पहुंचे हैं, उनका डेटा इकट्ठा किया जाए।