Covid-19: कोविड-19 हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर पर राज्य सरकार कर रही पूरी गम्भीरता से कार्य, सीएम योगी खुद रख रहे इस पर नजर

Covid-19: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा कि यह सब प्रदेश में टीम वर्क से सम्भव हुआ। इस टीम वर्क का ही परिणाम है कि आज हम 6 एल-2 कोविड चिकित्सालय (Covid Hospital) प्रदेशवासियों की सेवा में समर्पित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में 36 ऐसे जिले थे, जहां वेंटिलेटर या एचएफएनसी की कोई सुविधा नहीं थी। आज सभी 75 जनपदों में वेंटिलेटर और एचएफएनसी की सुविधा उपलब्ध है।

Avatar Written by: September 30, 2020 5:45 pm
CM Yogi Adityanath

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने सरकारी आवास पर वर्चुअल माध्यम से जनपद मीरजापुर, भदोही, शामली, बरेली, अमेठी तथा सन्त कबीर नगर के 6 एल-2 कोविड चिकित्सालयों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक करोड़ से अधिक कोविड-19 के टेस्ट भी आज सम्पन्न हुए हैं, यह एक रिकॉर्ड है। प्रत्येक जनपद में एल-01 चिकित्सालय की श्रृंखला, एल-2 डेडिकेटेड कोविड चिकित्सालय की स्थापना और उच्च चिकित्सा संस्थान व मेडिकल कॉलेजों में एल-3 कोविड चिकित्सालय के निर्माण को तेजी से बढ़ाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोविड-19 की पॉजिटिविटी दर और मृत्यु दर को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की। साथ ही, रिकवरी रेट को बेहतर करके आम जनमानस में विश्वास पैदा किया है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह सब प्रदेश में टीम वर्क से सम्भव हुआ। इस टीम वर्क का ही परिणाम है कि आज हम 6 एल-2 कोविड चिकित्सालय प्रदेशवासियों की सेवा में समर्पित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में 36 ऐसे जिले थे, जहां वेंटिलेटर या एचएफएनसी की कोई सुविधा नहीं थी। आज सभी 75 जनपदों में वेंटिलेटर और एचएफएनसी की सुविधा उपलब्ध है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सामने चुनौतियां थीं। प्रदेश की 24 करोड़ आबादी को कोविड-19 के संक्रमण से बचाने के साथ ही टेस्टिंग क्षमता को विकसित करने की। जिस प्रदेश में टेस्टिंग की कोई क्षमता नहीं रही हो, उस प्रदेश द्वारा आज डेढ़ लाख टेस्ट प्रतिदिन किये जाने की क्षमता का विकास यह दर्शाता है कि कोविड-19 हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर पर राज्य सरकार पूरी गम्भीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने अपील की कि हमें हर हाल में संक्रमण को रोकना व सतर्क रहकर चेन को तोड़ना होगा, ताकि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित रख सकें। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के उपचार का सबसे अच्छा तरीका बचाव है। सतर्कता ही इससे बचाव का सबसे बड़ा माध्यम है। सतर्कता के लिए प्रधानमंत्री द्वारा दिये गये मूलमंत्र ‘दो गज की दूरी मास्क है जरूरी’ का पालन करना अत्यन्त आवश्यक है। एल-2 और एल-3 कोविड अस्पतालों में वर्चुअल आईसीयू की भी व्यवस्था की गयी है।