
नई दिल्ली। साल 2021 में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होना है। इसको लेकर राज्य में लगभग सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। हालांकि ममता बनर्जी की टीएमसी और भाजपा इस बार आमने-सामने नजर आ रहे हैं। दोनों एक दूसरे पर लगातार आरोप लगा रहे हैं कि प्रदेश में अराजकता का माहौल तैयार किया जा रहा है। भाजपा ने इसको लेकर चुनाव आयोग तक से शिकायत कर दी है कि टीएमसी के इस अराजक रवैये की वजह से प्रदेश में विधानसभा चुनाव कराना शांतिपूर्ण तरीके से संभव नहीं हो पाएगा। वहीं ममता बनर्जी और प्रदेश के राज्यपाल जगदीप धनखड़ के भी रिश्ते सामान्य नजर नहीं आ रहे हैं। इस सब के बीच राज्य में टीएमसी की मुश्किलें और भी बढ़ती नजर आ रही हैं।
ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के करीबी विनय मिश्रा के घर पर मवेशी तस्करी के सिलसिले में सीबीआई ने छापेमारी की है। विनय मिश्रा के कई ठिकानों के साथ कई अन्य स्थानों की सीबीआई ने तलाशी ली है। बता दें कि विनय मिश्रा तृणमूल कांग्रेस यूथ विंग के महासचिव हैं और आज इनके कई ठिकानों पर सीबीआई की तरफ से छापेमारी की गई है। वहीं विनय मिश्रा के खिलाफ सीबीआई ने लुकआउट नोटिस भी जारी किया है। सीबीआई की तरफ से जारी इस नोटिस का उद्देश्य ये है कि विनय मिश्रा देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकें। विनय मिश्रा पर केवल मवेशी तस्करी नहीं बल्कि कोयला चोरी में भी शामिल होने का आरोप है।
इस छापेमारी से पहले सीबीआई ने मवेशी तस्करी के मामले में कथित सरगना समेत बीएसएफ के दो कर्मचारियों की गिरफ्तारी की है। इस मामले में यह सूचना निकलकर आ रही है कि भारत-बांग्लादेश की सीमा के रास्ते गैर कानूनी तरीके से मवेशियों की तस्करी बीएसएफ और सीमा शुल्क विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों को तस्करों द्वारा रिश्वत देकर की जा रही है। आपको बता दें कि इसके अलावा सीबीआई ने शारदा चिटफंड घोटाले में भी अपनी जांच की गति बढ़ा दी है और इसे जनवरी 2021 तक पूरा करने का निर्देश दिया है।
BREAKING:CBI conducting search operations in 2 #Kolkata residences of #TMC youth wing general secretary Vinay Mishra’s residence in the #WestBengal Coal & Cattle smuggling case. First time a direct TMC leader under scanner in the multi crore scam being probed by CBI,ED & IT Dept pic.twitter.com/Wyji53uFpk
— Sreyashi Dey (@SreyashiDey) December 31, 2020
इससे पहले सीबीआई ने कार्रवाई से पहले विनय मिश्रा को नोटिस भेजा था लेकिन उन्होंने इन नोटिसों पर ध्यान नहीं दिया। इससे पहले बंगाल में सियासत तब गर्म हो गई थी जब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के काफिले पर 10 दिसंबर को बंगाल में अभिषेक बनर्जी के क्षेत्र में हमला हुआ था। जहां जगत प्रकाश नड्डा के काफिले पर हमला हुआ था वह पश्चिम बंगाल का साउथ 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर का इलाका था जो सीएम ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी का संसदीय क्षेत्र है।
बंगाल के एक पॉवर ब्रोकर विनय मिश्रा के यहाँ सीबीआई के छापे के बाद बंगाल के उच्च अधिकारियों की आपातकालीन बैठक और मुख्यमंत्री एवं भाइपो के यहाँ हलचल, प्रदेश में चर्चा का विषय है!
— Kailash Vijayvargiya (@KailashOnline) December 31, 2020
ममता के करीबी के यहां सीबीआई की छापेमारी पर भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने निशाना साधते हुए लिखा है कि, “बंगाल के एक पॉवर ब्रोकर विनय मिश्रा के यहाँ सीबीआई के छापे के बाद बंगाल के उच्च अधिकारियों की आपातकालीन बैठक और मुख्यमंत्री एवं भाइपो के यहाँ हलचल, प्रदेश में चर्चा का विषय है!”