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Waqf Board Claims 1200 Acres Of Agricultural Land In Karnataka : कर्नाटक में 1200 एकड़ खेती की जमीन पर वक्फ बोर्ड ने किया दावा, बीजेपी ने किया विरोध

Waqf Board Claims 1200 Acres Of Agricultural Land In Karnataka : बीजेपी ने किसानों का समर्थन करते हुए कांग्रेस और वक्फ बोर्ड पर निशाना साधा है। बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि देश संविधान और कानून के हिसाब से चलेगा, शरिया के निर्देशों के अनुसार नहीं। वहीं, बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी किसानों की सारी जमीनें छीनकर अपने एक खास वोट बैंक को देना चाहती है।

नई दिल्ली। कर्नाटक के विजयपुर जिले में स्थित होनवाड़ा गांव में लगभग 1200 एकड़ कृषि भूमि पर वक्फ बोर्ड ने अपना दावा किया है। इस संबंध में गांव के कुछ किसानों को नोटिस भी भेजा गया है, जिसके बाद वहां विवाद शुरू हो गया है। गांव के किसानों के मुताबिक जिस जमीन पर वक्फ बोर्ड अपना दावा कर रहा है वो उन सबकी पुश्तैनी जमीन है। सालों पहले उनके दादा, परदादा और अब वो खुद उस जमीन पर खेती कर रहे हैं। वहीं, इस मामले में बीजेपी ने किसानों का समर्थन करते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं है। बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि देश संविधान और कानून के हिसाब से चलेगा, शरिया के निर्देशों के अनुसार नहीं।

सूर्या ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि मोदी सरकार के वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 के जरिये होने वाले सुधार में अड़ंगा लगाने के लिए इस तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। दूसरी तरफ, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अब कांग्रेस पार्टी किसानों की सारी जमीनें छीनकर अपने एक खास वोट बैंक को देना चाहती है। वोट बैंक की राजनीति के नाम पर कांग्रेस ऐसा कर रही है।

पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में वक्फ को असीमित अधिकार दिए। अब कर्नाटक में किसानों की हजारों एकड़ जमीन जिसका उनके पास सबूत है, वे वक्फ और मंत्रियों को हस्तांतरित करना चाहते हैं। इससे उनकी मानसिकता पता चलती है। कांग्रेस की प्राथमिकता किसानों की जमीन छीनना और एक विशेष वोट बैंक को देना है। आपको बता दें कि वक्फ बोर्ड की असीमित शक्तियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए ही मोदी सरकार वक्फ बोर्ड संशोधन अधिनियम 2024 लाई है। इसमें सुधार संबंधी सिफारिशों पर एकराय बनाने के लिए जेपीसी का गठन किया गया है जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सांसद शामिल हैं।