
नई दिल्ली। वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पास हो चुका है और राज्यसभा में इस पर चर्चा जारी है। सत्ता पक्ष और विपक्षी सदस्यों के बीच उच्च सदन में बिल पर तीखी हो रही है। इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वक्फ संशोधन बिल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी देश को बांटने के लिए वक्फ संशोधन विधेयक लेकर आई है। साथ ही ममता बनर्जी ने यह भी कहा, जब बीजेपी नीत एनडीए सरकार सत्ता से बाहर हो जाएगी और नई सरकार बनेगी, तब वक्फ विधेयक को निष्प्रभावी करने के लिए लोकसभा और राज्यसभा में एक और संशोधन लाया जाएगा।
“It was done to divide the country. One day #BJP govt will go, a new govt will come and there can be another amendment and that will then be passed in #LokSabha and #RajyaSabha” #Bengal CM #MamataBanerjee on #WaqfAmendmentBill #WaqfBill pic.twitter.com/DwYoa9bPhX
— Tamal Saha (@Tamal0401) April 3, 2025
लोकसभा में कल टीएससी सांसद कल्याण बनर्जी ने वक्फ संशोधन विधेयक का अपनी पार्टी की तरफ से विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि वक्फ की संपत्ति मुस्लिमों के लिए बैकबोन है। वक्फ संशोधन बिल से मुस्लिमों के अधिकार छिन जाएंगे, यह असंवैधानिक है। उधर, ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती मामले पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अदालत का सम्मान है लेकिन यह फैसला मुझे स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार सभी उम्मीदवारों के साथ है जिनकी नौकरी चली गई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के कारण सभी को सजा क्यों मिली। साथ ही ममता ने कहा कि वो 7 अप्रैल को कोलकाता स्थित नेताजी इंडोर स्टेडियम में नौकरी खो चुके लोगों से मिलेंगी।
आपको बता दें कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में 25,000 से अधिक शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती को रद्द कर दिया था। इसके बाद इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने आज फैसला सुनाया और हाईकोर्ट के निर्णय को बरकरार रखा। आरोप है कि धांधली के जरिए बहुत से पदों पर भर्ती की गई थी।