कपिल ने खिलाड़ियों से कहा, अगर थक गए हैं तो मत खेलो आईपीएल

 पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान कपिल देव ने गुरुवार को कहा कि वे खिलाड़ी जो नियमित तौर पर भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेलते हैं और अगर उन्हें लगता है कि उनके लिए अंतर्राष्ट्रीय कलैंडर बहुत बिजी है तो वे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को छोड़ कर सकते हैं।

Written by: February 28, 2020 12:20 pm

नई दिल्ली।  पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान कपिल देव ने गुरुवार को कहा कि वे खिलाड़ी जो नियमित तौर पर भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेलते हैं और अगर उन्हें लगता है कि उनके लिए अंतर्राष्ट्रीय कलैंडर बहुत बिजी है तो वे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को छोड़ कर सकते हैं।

kapil dev on iplकपिल ने यहां एचसीएल के पांचवें संस्करण के सम्मान समारोह से इतर संवाददाताओं से कहा, “अगर आपको लगता है कि थक गया हूं तो मत खेलो आईपीएल। आप वहां (आईपीएल में) अपने देश का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे हैं। इसलिए अगर आपको लगता है कि आप थक गए हैं तो आप आईपीएल के दौरान हमेशा ब्रेक ले सकते हैं। जब आप अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं तो फिर अलग भावना होनी चाहिए।”

kapil dev on iplउन्होंने कहा कि जब खिलाड़ी अपने देश के लिए खेल रहे होते हैं तो उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ देने की जरूरत होती है और इससे समझौता नहीं करना चाहिए क्योंकि वे फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलने में बहुत अधिक ऊर्जा लगाते हैं। पूर्व कप्तान ने हालांकि इस बात पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि क्या उन्होंने पहले टेस्ट में न्यूजीलैंड से मिली हार या फिर वनडे सीरीज के दौरान भारतीय खिलाड़ियों में किसी भी तरह के थकान के संकेत देखे थे। कपिल ने कहा, “मुझे नहीं पता। टीवी देखना और बयान देना मेरे लिए बहुत मुश्किल और अनुचित है।”

kapil dev on ipl16 साल के अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में भारत के लिए 131 टेस्ट और 225 वनडे मैच खेलने वाले पूर्व कप्तान ने कहा कि जब वे खेलते थे तो उन्हें भी थकान महसूस होती थी। कपिल ने कहा, “कई बार, हां। जब आप एक सीरीज में खेलते रहते हैं और उस समय थकान महसूस करते हैं जब आप रन नहीं बना रहे होते हैं या विकेट नहीं ले रहे होते हैं। लेकिन जब आप ऐसा करते हैं तो कभी नहीं थकते हैं। आप सात विकेट लेते हैं और एक दिन में 20-30 ओवर गेंदबाजी करते हैं।”

kapil dev indian cricket IPLअपनी कप्तानी में भारत को पहला विश्व कप जिताने वाले कपिल ने कहा, “यह एक बहुत ही भावनात्मक चीज है। आपका मन और आपका दिमाग उसी तरह काम करता है। प्रदर्शन आपको बहुत हल्का और खुश करते हैं।”