
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी बीएलए ने एक बार फिर तांडव मचाया है। बीएलए के विद्रोहियों ने बलूचिस्तान के ग्वादर में बड़ा हमला करते हुए तमाम वाहनों को आग के हवाले कर दिया। बीएलए के इस हमले में 5 लोगों की मौत की भी खबर है। जिन वाहनों को बीएलए के विद्रोहियों ने आग के हवाले किया, वे ग्वादर बंदरगाह से सामान लेकर जा रहे थे। ग्वादर बंदरगाह से निकले वाहनों को आग के हवाले कर बीएलए ने पाकिस्तान की सरकार के साथ ही उसके पुराने दोस्त चीन को भी बड़ी चुनौती दे दी है। चीन ने ही बलूचिस्तान के ग्वादर बंदरगाह का विकास किया है। साथ ही चीन इस इलाके में सीपीईसी के तहत सड़क बनाने समेत कई काम कर रहा है।
पिछले दिनों ही बीएलए के विद्रोहियों ने पेशावर से क्वेटा जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर लिया था। बीएलए विद्रोहियों ने दावा किया था कि उन्होंने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार पाकिस्तानी सेना के 214 जवानों की जान ली है। वहीं, पाकिस्तान की सरकार का कहना था कि जाफर एक्सप्रेस ट्रेन हाईजैक करने वाले विद्रोहियों ने 31 लोगों की जान ली। जाफर एक्सप्रेस की घटना के कुछ दिन बाद ही बीएलए के विद्रोहियों ने सेना के काफिले पर आत्मघाती कार बम से हमला किया था। उस हमले के बाद बीएलए ने दावा किया था कि पाकिस्तान की सेना के 99 जवानों को मार दिया है।
जाफर एक्सप्रेस हाईजैक के दौरान बीएलए ने एक वीडियो जारी किया था। इसमें बीएलए का एक कमांडर ये कहते देखा गया था कि पाकिस्तान की सेना और चीन के लोगों को बलूचिस्तान खाली कर देना चाहिए। बीएलए के विद्रोहियों का कहना था कि अगर ऐसा न किया गया, तो पाकिस्तानी सेना के जवानों के साथ ही सीपीईसी बना रहे चीन के लोगों की जान को भी खतरा पैदा होगा। अब ग्वादर बंदरगाह से निकले वाहनों को निशाना बनाकर बीएलए ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान की सेना की तमाम कार्रवाई का उस पर कोई असर नहीं पड़ा है। बीएलए लगातार मांग करता है कि बलूचिस्तान को पाकिस्तान की सरकार आजाद कर दे। उनका कहना है कि बलूचिस्तान पर पाकिस्तान का अवैध कब्जा है।